मिसकैरिज मानसिक संतुलन हिला देने वाली गंभीर स्थिति होती है और इस हालत में कोई भी महिला और उसका पार्टनर अंदरुनी रूप से तहस-नहस हो जाते हैं और उनका पहला प्रश्न यही होता है कि ऐसा किन कारणों से और क्यों हुआ। लेकिन सबसे मुश्किल स्थिति तब होती है जब आपको इसके बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं होती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिसकैरिज के अधिकतर केस का कारण अज्ञात होता है। जब एक प्रेग्नेंसी हेल्दी होती है और एक स्वस्थ बच्चे का जन्म होता है तो यह किसी चमत्कार से कम नहीं होता है लेकिन जब कई बार चीजें सही से नहीं हो पाती। आपके जेनेटिक मैटेरियल के दो सेट होते हैं, जो आगे चल कर बच्चे में डिवाइड हो जाते हैं, जब इनमें कुछ गड़बड़ हो जाती है तो मिसकैरिज होना प्रकृति का एक यह संकेत भी हो सकता है कि आपका बच्चा ठीक-ठाक नहीं था और वह आगे जीवन पानी का भागीदार भी नहीं था। बहुत से पति-पत्नी खुद को मिसकैरिज का दोषी मानते हैं, लेकिन इसमें उनका कोई दोष नहीं होता। मिसकैरिज से जुड़ी निम्न बातें आपको पता होनी चाहिए-

मिसकैरिज क्यों होते हैं?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक मिसकैरिज होने का सबसे मुख्य कारण बच्चे में जेनेटिक असामान्य चीजें होती हैं। लेकिन इसके अलावा भी कई और चीजें हो सकती हैं, जिनमें डायबिटीज, इम्युनोलॉजिकल डिसऑर्डर, ड्रग का आदी होना जैसे कारण शामिल हैं, जो माता-पिता के कारण होते हैं।

क्रोमोसोमल असामान्यता

पहले तीन महीने के अंदर मिसकैरिज होने के 70त्न और दूसरे तीन महीने के अंदर मिसकैरिज होने के 20त्न कारण भ्रूण के जीन्स में होने वाली असामान्यतायें होती हैं। फर्टिलाइजेशन के दौरान स्पर्म और एग दोनों एक परफेक्ट मैच बनाने के लिए 23 क्रोमोसोम इक्कठा करते हैं। यह एक जटिल प्रक्रिया होती है और इसमें थोड़ी सी भी गड़बड़ होने से क्रोमोसोमल असामान्यता हो सकती है।

इस प्रकार का मिसकैरिज लगभग 35 साल से ऊपर की महिलाओं में होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि महिला के अंदर जितने भी एग होते हैं वह उसके अंदर जन्म से होते हैं और उनकी उम्र भी महिला के साथ-साथ बढ़ती है। 20 से कम उम्र की महिलाओं में मिसकैरिज होने के 12 से 15त्न चांस होते हैं और यह चांस जब महिला 40 साल की ओर बढ़ने लगती है तब दोगुणा हो जाते हैं। इस प्रकार के मिसकैरिज में कोई कुछ नहीं कर सकता है और अगर एक बार यह होने लग जाए तो इसे कोई रोक भी नहीं पाता है।

थायरॉयड डिसऑर्डर

चाहे अधिक थायरॉयड से जुड़ी समस्या हो या कम थायरॉयड से जुड़ी, थायरॉयड डिसऑर्डर भी मिसकैरिज का एक कारण बन सकता है। जब एक महिला को लो थायराइड की समस्या होती है तो उसका शरीर और अधिक हार्मोंस उत्पन्न करता है जिस कारण ओवुलेशन कम हो सकता है। अगर हाई थायरॉयड की समस्या है तो आपके हार्मोन्स एस्ट्रोजन को प्रभावित कर सकते हैं जिस कारण वह अपना काम ठीक से नहीं कर पाता है और इससे यूटरिन में असामान्य रूप से ब्लीडिंग होने लगती है।

डायबिटीज 

जिन महिलाओं को डायबिटीज की समस्या है उन्हें निश्चित ही अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए क्योंकि पहले तीन महीनों में डायबिटीज मिसकैरिज का एक मुख्य कारण बन सकती है और यह जन्म के समय बच्चे में होने वाली असमानताओं या खामियों का भी एक मुख्य कारण होती है।

शारीरिक जटिलताएं

मिसकैरिज का एक कारण महिला के अंदर कोई शारीरिक समस्या भी हो सकती है। यह कारण बहुत ही कम सामान्य है। इसके कुछ उदाहरण निम्न हैं-

  • यूटरिन फाइब्रॉयड बच्चे की ब्लड सप्लाई को प्रभावित कर सकता है।
  • कुछ महिलाएं सेप्टम के साथ जन्म लेती हैं। जोकि एक अनकॉमन यूटरिन डिफेक्ट होता है और यह भी मिसकैरिज का एक कारण होता है।
  • सर्जरी या दो बार के अबॉर्शन के कारण कुछ महिलाओं के यूटरस के अंदर स्कार टिश्यू उत्पन्न हो जाते हैं, जिससे प्लेसेंटा में ब्लड फ्लो असामान्य रूप से होने लगता है। 

ब्लड क्लोटिंग डिसऑर्डर 

फिजिकल एब्नार्मलिटी की तरह ही ब्लड क्लोटिंग डिसऑर्डर भी बहुत सामान्य तो नहीं है, लेकिन यह भी एक कारण होता है। डॉक्टरों का कहना है कि वह ब्लड क्लोटिंग डिसऑर्डर के केस भी देखने को मिलते हैं लेकिन वह अन्य कारणों के जैसे कॉमन नहीं है।

हार्मोनल असंतुलन 

कई बार महिला का शरीर उतना अधिक प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन नहीं बना पता है, जितने यूटरस की लाइनिंग को सपोर्ट करने के लिए आवश्यक होते हैं और इस कारण भ्रूण को सहारा नहीं मिल पाता। चूंकि यह अधिक कॉमन नहीं है इसलिए डॉक्टर इसे तब तक चेक नहीं करते जब तक आपके कई बार मिसकैरिज इस वजह से नहीं हो जाते। दवाइयां लेने से आप एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देने में सफल भी हो सकती हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान ड्रग, शराब और तंबाकू का सेवन करना

कुछ लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें जैसे- ड्रग और शराब का सेवन करना, धूम्रपान करना भी आपके मिसकैरिज का एक कारण हो सकता है और यह आपके हाथ में है इसलिए आप अच्छी लाइफस्टाइल अपनाकर एक हेल्दी प्रेग्नेंसी का हिस्सा बन सकती हैं।

इम्युनिलॉजिकल डिसऑर्डर और क्रोनिक बीमारी

कई बार ऑटो इम्यून डिसऑर्डर भी मिसकैरिज का एक कारण बन सकते हैं। इसको समझने का सबसे आसान तरीका है आपके शरीर ने प्रेग्नेंसी को स्वीकार नहीं किया।

मिसकैरिज के कुछ अन्य कारणों में किडनी डिजीज, हृदय रोग और लीवर के रोग भी शामिल हैं। अगर आपको इनमें से कोई क्रोनिक समस्या है तो आप किसी अच्छे डॉक्टर से इलाज करवा सकती हैं।

मिसकैरिज के रिस्क फैक्टर

  • लिस्टीरिया, एक बैक्टीरिया जो कच्चे मीट या अंडों में पाया जाता है 
  • मां को किसी चीज का सदमा लगना जैसे कार एक्सीडेंट।

कुछ दवाइयां

  • मां की उम्र।
  • वायु प्रदूषण।
  • तेज बुखार।
  • कुछ प्रकार के इंफेक्शन।

निष्कर्ष

अगर आप अपना मिसकैरिज का रिस्क कम करना चाहती हैं तो आपको कंसीव करने के कुछ महीनों पहले डॉक्टर से अपना पूरा चेक-अप करवाना चाहिए। मिसकैरिज के कुछ कारण जैसे- क्रोमोसोमल असामान्यता आदि पर आपका वश नहीं है। एक हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में भी कुछ बदलाव करने की आवश्यकता है। एक हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करें और शराब आदि का सेवन बिलकुल न करें। आपको अपने डॉक्टर से भी अपनी हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी एडवाइस लेते रहना चाहिए ताकि आप मिसकैरिज के रिस्क से बच सकें। कंसीव करने के 2 से 3 महीनों पहले अपने डॉक्टर को अपनी सारी दवाइयों का रिव्यू लेने को कहिए और अपनी डाइट के बारे में भी उनसे पूछ सकते हैं।

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