आज के समय में एक बहुत ही आम समस्या है कमर दर्द। जो महिला हो या पुरुष सभी को प्रभावित करती है लेकिन, कुछ आंकड़े बताते हैं कि इससे महिलाएं सबसे ज्यादा प्रभावित रहती हैं। यह समस्या किसी भी उम्र में परेशान कर सकती है क्योंकि, इसका एक मुख्य कारण हमारा खराब लाइफस्टाइल भी है।

कई बार कमर में होने वाला दर्द आपके शारीरिक स्वास्थय से जुड़ा मुद्दा भी हो सकता है, जैसे पीरियड्स, गर्भावस्था, ऑस्टियोआर्थराइटिस आदि। इसलिए इसे नजरंदाज करने की भूल तो बिलकुल भी न करें। आपको कमर दर्द का कारण जान उसका इलाज करना चाहिए। 

महिलाओं में कमर दर्द के क्या कारण होते हैं?

अगर आप रोजाना वेट लिफ्टिंग करती हैं या ऐसा काम करती हैं जिससे आपकी कमर पर बहुत अधिक प्रेशर पड़ रहा है तो यह भी आपके कमर दर्द का एक मुख्य कारण हो सकता है। इस दबाव के कारण आपकी कमर की मसल्स में खिंचाव आ सकता है, आपकी डिस्क में चोट लग सकती है जिससे यह दर्द अधिक बढ़ सकता है।

महिलाओं में कमर दर्द

सायटिका का दर्द  एक वजह

यह एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें आपकी डिस्क थोड़ी सी सूज जाती है और सूज कर कमर में दबाव बनाने लगती है। इसमें आपको कमर के निचले भाग में दर्द देखने को मिलता है और यह दर्द कमर से नीचे जाता हुआ आपके हिप्स से पैरों में पहुंच जाता है। इसका उपचार करवाना आवश्यक होता है।

एक कारण गठिया होना

अगर आप गठिया की मरीज हैं तो इससे भी आपको कमर में दर्द की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। इसका दर्द केवल कमर में ही नहीं बल्कि घुटनों में भी होता है। बढ़ती उम्र के साथ ये समस्या बढ़ती चली जाती हैं।

पोस्चर ठीक न होना

अगर आप इस तरह लेटती या बैठती हैं, जिससे आपकी कमर पर अधिक प्रभाव पड़ता है तो इससे आपका पोस्चर खराब होता है जोकि कमर दर्द का मुख्य कारण है। इसके अलावा अगर आप अधिक स्ट्रेचिंग कर लेती है या फिर एक ही अवस्था में अपनी कमर और गर्दन को काफी लंबे समय तक रखती हैं तो भी दर्द हो सकता है।

पीरियड्स में कमर दर्द 

कई बार महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान भी अधिक कमर दर्द की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसा काफी सारी अलग अलग स्थिति के कारण हो सकता है और इस स्थिति को डिस्मेनोरिया कहा जाता है। कई बार पीएमएस और पीरियड्स खत्म होने के बाद भी कमर दर्द होता है।

एंडोमेट्रियोसिस भी एक वजह है

एंडोमेट्रियोसिस भी एक वजह है

महिलाओं में कमर दर्द की एक यह वजह भी है। इसमें फैलोपियन ट्यूब, आंतें या अंडाशय के टिशु में एंडोमेट्रियोसिस की समस्या हो जाती है। जिसकी वजह से अनियमित पीरियड और दर्द महसूस होता है। यही दर्द कमर दर्द का कारण भी बनता है।

कहीं डिस्मेनोरिया तो नहीं

मासिक धर्म के दौरान जब जरूरत से ज्यादा दर्द होता है तो यह अवस्था डिस्मेनोरिया कहलाती है। इस वजह से महिलाओं को काफी दर्द झेलना पड़ता है।  यह समस्या लगभग चार-पांच दिन तक रहती है।

कमर दर्द का उपाय

डाइट हो सही

यदि आप चाहती हैं कि आपको इस प्रकार की किसी भी अवस्था का सामना न करना पड़े तो आप अपनी हड्डियों व मांसपेशियों की मजबूती के लिए एक हेल्दी डाइट का सेवन करें। देखा गया है कि महिलाओं में कैल्शियम या विटामिन डी की कमी होती है। आप इसे एक हेल्दी डाइट से ठीक कर सकती हैं।

अपने पोस्चर को सही रखें

अपने पोस्चर को सही रखें

सबसे पहले अगर आपको अपने कमर को पहले वाली अवस्था में लाना है तो अपने पोस्चर को सही रखना होगा। इसके लिए आप घंटों तक एक ही अवस्था में रहना बंद करें और थोड़ी थोड़ी देर बाद टहलना और कुछ गतिविधि करना शुरू करें।

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