एक नया फिटनेस ट्रेंड इन दिनों देखने को मिल रहा है और वह है एंटी-ग्रेविटी योगा जिसे एरियल योगा भी कहते हैं। यूं  तो यह ट्रेंड सेलिब्रिटीज़ के बीच तेजी से प्रचलन में है लेकिन अब आम लोग भी इसके बारे में जागरूक हो रहे हैं। एंटी-ग्रेविटी योग के जितने भी आसन होते हैं, उसे हवा में किया जाता है। इसके लिए एक सिल्क के कपड़े का इस्तेमाल करते हैं। इन आसनों में शरीर का भार पूरी तरह कपड़े पर निर्भर रहता है। इस कपड़े को लटका कर योग के कुछ मूवमेंट्स करते हुए कपड़े को शरीर से लपेट लेते हैं। व्यक्ति इस कपड़े के सहारे जितने भी योगासन करता है, वह जमीन से कुछ फीट ऊपर करता है, जिसके कारण इसे एंटी-ग्रेविटी योग कहते हैं। इस एंटी ग्रेविटी योग की शुरुआत 1990 में हुई थी।

चक्रासन, सूर्यनमस्कार, वज्रासन, हलासन, नटराजासन, वृक्षासन समेत कई तरह के आसन किए जा सकते हैं। एरियल योग का अभ्यास करने के लिए आपको जमीन से या अपनी सुविधा के अनुसार लगभग 2 से 3 फीट की सपोर्ट चेन द्वारा सीलिंग से लटके हुए झूला की जरूरत होती है। आपको अपने शरीर के वजन के साथ झूले से लटकने के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है और एक्सरसाइज़ के दौरान आप इस पर जोर देते हैं क्योंकि यह 300 किलो तक वजन ले सकता है। झूला आपके योग सेशन में विविधता लाएगा और हवा में आसन करने का मज़ा भी अद्भूत है।

एंटी ग्रेविटी योगा की प्रक्रिया

हाई डेन्सिटी नायलॉन मटेरियल से झूला बना लें और इसे अपनी हाइट के सुविधानुसार सीलिंग से लटका दें। आप इसे अपने हिप्स या बाहों पर बांध सकते हैं। अपने मैट्रेस भी नीचे रखें ताकि आप उस पर पैर रख सकें, जब भी जमीन पर आपको पोज़ के बीच में पैर रखना हो या ऐसे कोई पोज़ हों जहां आपके शरीर का एक हिस्सा जमीन को छूना हो। झूले से लटके रहने से आपके शरीर पर दबाव कम करता है, आपके जोड़ों में जगह बनाता है, रीढ़ से दबाव हटाता है और आपको अधिक गतिशील बनाता है। अब यह एक आदर्श स्थिति है जहां आपको उन सभी आसनों का अभ्यास करने को मिलता है, जो आपको जमीन पर अभ्यास करने में कठिन लगते  हैं। शीर्षासन और हलासन हवा में बहुत आसान हो जाते हैं। आपके सिर और रीढ़ पर कोई दबाव नहीं होगा, इस तरह गर्दन और पीठ के दर्द को रोका जा सकता है। ताड़ासन, अधो मुखश्वासन, गोमुखासन आदि हवा में करने में अलग ही आनंद का अनुभव होगा। इन पोज़ को करते समय सुनिश्चित करें कि आप अपनी सांसों को अपने मूवमेंट्स से जोड़ते हैं, पोज़ में गहराई तक जाएं और इसे अधिक समय तक रोककर रखें। चूंकि लटके होने के दौरान आपके शरीर पर कम दर्द और दबाव होगा, लंबे समय तक पोज़ को बनाए रखना आसान हो जाता है, जिससे योग के बेहतर परिणाम मिलते हैं।

सेफ्टी

एरियल योग तब तक सुरक्षित है जब तक आप इसे सर्टिफाइड योग ट्रेनर के मार्गदर्शन में सीखते और अभ्यास करते हैं। ट्रेनर आपको चोटों से बचाने के लिए सही तरीके से पोज़ करने में मदद करेगा। सुनिश्चित करें कि आप गिरने और चोट लगने से बचने के लिए अपने आपको जमीन से बहुत ऊंचा उठाएं।

टिप्स

  • सुनिश्चित करें कि आप नंगे पांव हैं और आपने ढीले सूती कपड़े पहने हुए हैं।
  • इंटेन्स वर्कआउट के लिए तैयार होने के लिए हल्का भोजन लें और अभ्यास से पहले ढेर सारा पानी पियें।
  • अपने हाथों पर कोई लोशन अप्लाई न करें क्योंकि यह झूले पर आपकी पकड़ को कम कर सकता है।
  • अपनी सभी एक्सेसरीज़ को हटाना याद रखें और झूले को किसी भी नुकसान से बचने के लिए सैशन से पहले अपने नाखूनों को ट्रिम करें।

अगर आप गर्भवती हैं, आंखों की बीमारियां हैं, हाल ही में सर्जरी हुई है, हृदय की समस्याएं, हड्डियों की समस्याएं, उच्च या निम्न रक्तचाप, प्रोस्थेटिक हिप्स हैं, तो एरियर योग न करें। यदि आप गठिया या मोतियाबिंद से पीड़ित हैं तो इससे बचना सबसे अच्छा है। इसके अलावा, यदि आप कान में कोई आंतरिक समस्या, चक्कर, सिर में चोट, ओबेसिटी या घाव से पीड़ित हैं या बेहोश होने की प्रवृत्ति है या यदि आप ऐसी दवा ले रहे हैं जो हल्की-फुल्की बीमारी का कारण बन सकती है, तो अभ्यास से बचना सबसे अच्छा है।

फायदे

एंटी-ग्रेविटी योगा कई मायनों में फायदेमंद साबित हो सकती है

दिल के लिए असरदार

इस योग से शरीर में ऑक्सीजन अच्छे से पहुंचती है। ब्लड सर्कुलेशन में सुधार आने से हृदय पर दबाव नहीं पड़ता है, जिससे इसकी सेहत बनी रहती है।

पीठ दर्द से राहत

शरीर के सभी हिस्से की अच्छे से स्ट्रेचिंग होने से पीठ दर्द से काफी राहत मिलती है। इससे शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है और यह रीढ़ की हड्डी को भी लचीला बनाता है। इससे दर्द से आराम मिलता है।

थुलथुले पेट से छुटकारा

एंटी-ग्रेविटी योगा से शरीर में कैलोरीज़ ज्यादा बर्न होती है। फैट काफी तेजी से घटाया जा सकता है। यह थुलथुले पेट को बहुत ही तेजी से समतल और कमर को छरहरा बना देता है।

पाचन में सुधार

एंटी-ग्रेविटी योग में जो भी मुद्राएं करते हैं, उससे शरीर की अच्छी तरह से स्ट्रेचिंग होती है। इससे खाना पचाने की क्रिया तेज होती है। यह खाना पचाने में मदद करता है। एंटी एजिंग हवा में लटकते हुए आसन करने पर शरीर में रक्त संचार काफी अच्छा रहता है। मांसपेशियों में सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है और इससे त्वचा से जुड़ी समस्याएं कम होने लगती है। डार्क सर्कल्स दूर करने के साथ एंटी एजिंग में फायदा कर सकता है।

दिमाग को रीफ्रेश करता है

संतुलन बनाने और हवा में योगासन करने के कारण एकाग्रता बढ़ती है। एरियल योगा दिमाग को रीफ्रेश करने में मदद करता है और अच्छा महसूस कराता है

यह भी पढ़ें –पर्यावरण संरक्षण के कानून

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एक नया फिटनेस ट्रेंड इन दिनों देखने को मिल रहा है और वह है एंटी-ग्रेविटी योगा जिसे एरियल योगा भी कहते हैं। यूं  तो यह ट्रेंड सेलिब्रिटीज़ के बीच तेजी से प्रचलन में है लेकिन अब आम लोग भी इसके बारे में जागरूक हो रहे हैं। एंटी-ग्रेविटी योग के जितने भी आसन होते हैं, उसे हवा में किया जाता है। इसके लिए एक सिल्क के कपड़े का इस्तेमाल करते हैं। इन आसनों में शरीर का भार पूरी तरह कपड़े पर निर्भर रहता है। इस कपड़े को लटका कर योग के कुछ मूवमेंट्स करते हुए कपड़े को शरीर से लपेट लेते हैं। व्यक्ति इस कपड़े के सहारे जितने भी योगासन करता है, वह जमीन से कुछ फीट ऊपर करता है, जिसके कारण इसे एंटी-ग्रेविटी योग कहते हैं। इस एंटी ग्रेविटी योग की शुरुआत 1990 में हुई थी।

चक्रासन, सूर्यनमस्कार, वज्रासन, हलासन, नटराजासन, वृक्षासन समेत कई तरह के आसन किए जा सकते हैं। एरियल योग का अभ्यास करने के लिए आपको जमीन से या अपनी सुविधा के अनुसार लगभग 2 से 3 फीट की सपोर्ट चेन द्वारा सीलिंग से लटके हुए झूला की जरूरत होती है। आपको अपने शरीर के वजन के साथ झूले से लटकने के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है और एक्सरसाइज़ के दौरान आप इस पर जोर देते हैं क्योंकि यह 300 किलो तक वजन ले सकता है। झूला आपके योग सेशन में विविधता लाएगा और हवा में आसन करने का मज़ा भी अद्भूत है।

एंटी ग्रेविटी योगा की प्रक्रिया

हाई डेन्सिटी नायलॉन मटेरियल से झूला बना लें और इसे अपनी हाइट के सुविधानुसार सीलिंग से लटका दें। आप इसे अपने हिप्स या बाहों पर बांध सकते हैं। अपने मैट्रेस भी नीचे रखें ताकि आप उस पर पैर रख सकें, जब भी जमीन पर आपको पोज़ के बीच में पैर रखना हो या ऐसे कोई पोज़ हों जहां आपके शरीर का एक हिस्सा जमीन को छूना हो। झूले से लटके रहने से आपके शरीर पर दबाव कम करता है, आपके जोड़ों में जगह बनाता है, रीढ़ से दबाव हटाता है और आपको अधिक गतिशील बनाता है। अब यह एक आदर्श स्थिति है जहां आपको उन सभी आसनों का अभ्यास करने को मिलता है, जो आपको जमीन पर अभ्यास करने में कठिन लगते  हैं। शीर्षासन और हलासन हवा में बहुत आसान हो जाते हैं। आपके सिर और रीढ़ पर कोई दबाव नहीं होगा, इस तरह गर्दन और पीठ के दर्द को रोका जा सकता है। ताड़ासन, अधो मुखश्वासन, गोमुखासन आदि हवा में करने में अलग ही आनंद का अनुभव होगा। इन पोज़ को करते समय सुनिश्चित करें कि आप अपनी सांसों को अपने मूवमेंट्स से जोड़ते हैं, पोज़ में गहराई तक जाएं और इसे अधिक समय तक रोककर रखें। चूंकि लटके होने के दौरान आपके शरीर पर कम दर्द और दबाव होगा, लंबे समय तक पोज़ को बनाए रखना आसान हो जाता है, जिससे योग के बेहतर परिणाम मिलते हैं।

सेफ्टी

एरियल योग तब तक सुरक्षित है जब तक आप इसे सर्टिफाइड योग ट्रेनर के मार्गदर्शन में सीखते और अभ्यास करते हैं। ट्रेनर आपको चोटों से बचाने के लिए सही तरीके से पोज़ करने में मदद करेगा। सुनिश्चित करें कि आप गिरने और चोट लगने से बचने के लिए अपने आपको जमीन से बहुत ऊंचा उठाएं।

टिप्स

सुनिश्चित करें कि आप नंगे पांव हैं और आपने ढीले सूती कपड़े पहने हुए हैं।

इंटेन्स वर्कआउट के लिए तैयार होने के लिए हल्का भोजन लें और अभ्यास से पहले ढेर सारा पानी पियें।

अपने हाथों पर कोई लोशन अप्लाई न करें क्योंकि यह झूले पर आपकी पकड़ को कम कर सकता है।

अपनी सभी एक्सेसरीज़ को हटाना याद रखें और झूले को किसी भी नुकसान से बचने के लिए सैशन से पहले अपने नाखूनों को ट्रिम करें।

सावधानी

अगर आप गर्भवती हैं, आंखों की बीमारियां हैं, हाल ही में सर्जरी हुई है, हृदय की समस्याएं, हड्डियों की समस्याएं, उच्च या निम्न रक्तचाप, प्रोस्थेटिक हिप्स हैं, तो एरियर योग न करें। यदि आप गठिया या मोतियाबिंद से पीड़ित हैं तो इससे बचना सबसे अच्छा है। इसके अलावा, यदि आप कान में कोई आंतरिक समस्या, चक्कर, सिर में चोट, ओबेसिटी या घाव से पीड़ित हैं या बेहोश होने की प्रवृत्ति है या यदि आप ऐसी दवा ले रहे हैं जो हल्की-फुल्की बीमारी का कारण बन सकती है, तो अभ्यास से बचना सबसे अच्छा है।

फायदे

एंटी-ग्रेविटी योगा कई मायनों में फायदेमंद साबित हो सकती है

दिल के लिए असरदार

इस योग से शरीर में ऑक्सीजन अच्छे से पहुंचती है। ब्लड सर्कुलेशन में सुधार आने से हृदय पर दबाव नहीं पड़ता है, जिससे इसकी सेहत बनी रहती है।

पीठ दर्द से राहत

शरीर के सभी हिस्से की अच्छे से स्ट्रेचिंग होने से पीठ दर्द से काफी राहत मिलती है। इससे शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है और यह रीढ़ की हड्डी को भी लचीला बनाता है। इससे दर्द से आराम मिलता है।

थुलथुले पेट से छुटकारा

एंटी-ग्रेविटी योगा से शरीर में कैलोरीज़ ज्यादा बर्न होती है। फैट काफी तेजी से घटाया जा सकता है। यह थुलथुले पेट को बहुत ही तेजी से समतल और कमर को छरहरा बना देता है।

पाचन में सुधार

एंटी-ग्रेविटी योग में जो भी मुद्राएं करते हैं, उससे शरीर की अच्छी तरह से स्ट्रेचिंग होती है। इससे खाना पचाने की क्रिया तेज होती है। यह खाना पचाने में मदद करता है। एंटी एजिंग हवा में लटकते हुए आसन करने पर शरीर में रक्त संचार काफी अच्छा रहता है। मांसपेशियों में सही मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है और इससे त्वचा से जुड़ी समस्याएं कम होने लगती है। डार्क सर्कल्स दूर करने के साथ एंटी एजिंग में फायदा कर सकता है।

दिमाग को रीफ्रेश करता है

संतुलन बनाने और हवा में योगासन करने के कारण एकाग्रता बढ़ती है। एरियल योगा दिमाग को रीफ्रेश करने में मदद करता है और अच्छा महसूस कराता है

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