malaika arora
मलाइका अरोड़ा

Weight loss tips: बॉलीवुड एक्ट्रेस मलाइका एक बेटे की मां हैं। बावजूद इसके मलाइका के हॉट फिगर की तारीफें करते लोग नहीं थकते हैं। आज जब वे अपने से 11 साल छोटे अर्जुन कपूर के साथ हाथ पकड़े बाहर निकलती हैं, तो किसी भी मायने में वह अर्जुन कपूर से उम्र में बड़ी नहीं दिखती हैं। आखिर मलाइका के फिगर का क्या राज है, यह एक पहेली से कम नहीं है। दरअसल मलाइका अरोड़ा खान के फिगर में वही खास बात है जो हॉलीवुड की जेनिफर लोपेज के फिगर में है।

जेनिफर लोपेज के परफेक्ट तरीके से शेप किया बट सालों से लोगों को अट्रैक्ट कर रहा है। दोनों के पास परफेक्ट और शेपली “बट’ (कूल्हे) की सौगात है। यह सौगात उन्हें ईश्वर ने नहीं दी है, बल्कि इसके लिए उन्होंने बहुत मेहनत की है। जी हां, इन दिनों इस कदर आकर्षक बट/हिप्स पाने की होड़ लड़कियों के बीच लगी है। आज इस लेख में हम एक्सपर्ट की मदद से परफेक्ट बट/ हिप्स पाने के उन तरीकों के बारे में जानेंगे। 

डाइट है परफेक्ट बट पाने का रास्ता 

संतुलित डाइट

ऐसा नहीं है कि आकर्षक बट केवल लड़कियों की विश लिस्ट में शामिल है, बल्कि पुरुष भी इसके कम दीवाने नहीं। भले ही आम पुरुष यह कहने से संकोच करता हो कि उसे लड़कियों की बट सेक्सी लगती है, लेकिन सच तो यही है। खूबसूरत बट पाना इतना आसान भी नहीं, जितना सुनने में लगता है। इसके लिए कठिन मेहनत के अलावा जुझारूपन की भी जरूरत है। डाइटीशियन हनी खन्ना की मानें तो आकर्षक फिगर पाने के लिए अपनी डाइट पर कंट्रोल करना सबसे ज्यादा जरूरी है।

आप किस समय क्या खाते हैं, यह जितना आवश्यक है, उससे भी ज्यादा यह कि आप कब क्या नहीं खाते हैं। बैलेंस्ड डाइट उस कुंजी की चाभी है, जहां आकर्षक बॉडी का राज छिपा है। कुछ ऐसी ही राय लीना डोगरे की भी है। कैटरीना कैफ से लेकर कंगना रनौत की फिटनेस ट्रेनर लीना का कहना है कि महिलाओं को फिट रहने के लिए बैलेंस्ड डाइट ही खाना चाहिए। वरना भारतीय महिलाओं के हिप्स का वजन बहुत जल्दी बढ़ जाता है। 

साइकिल है बढ़िया एक्सरसाइज 

साइकलिंग है बढ़िया एक्सरसाइज

एक्सरसाइज का विकल्प साइकिल भी है। यूं भी कार्डियोवस्कुलर एक्सरसाइज में साइकिल का विकल्प कोई और चीज नहीं ले सकती है। साइकिलिंग शरीर के निचले हिस्से खासकर बट को शेप में लाने का बेहतरीन जरिया है। इससे न केवल महिलाएं बट के अतिरिक्त वजन को कम कर सकती हैं, बल्कि अन्य निचले हिस्सों के लिए भी यह लाभदायक है।

ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ संजय सरूप कहते हैं, “स्वस्थ हड्डियों और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए साइकिलिंग बहुत लाभदायक है। इसके द्वारा हुई गतिविधियों से शरीर को लगातार विटामिन डी के उत्पादन में मदद मिलती है, जिससे शरीर के भीतर कैल्शियम को सोखने का स्तर बढ़ जाता है। यह हड्डियों को स्वस्थ और मजूबत होने में मदद करता है। शरीर की मांसपेशियों में गतिविधि की बढ़ोत्तरी होने से टखने, घुटने और कूल्हे के आसपास की मांसपेशियों में कसाव आता है और ये आकर्षक हो जाते हैं। इसके अलावा कार्डियोवस्कुलर एक्सरसाइज, वेट ट्रेनिंग, स्क्वैट्स, लंजेस और स्टेप-अप्स को नियमित तौर पर करना चाहिए। यहां तक कि अपहिल रनिंग (चढ़ाई पर दौड़) भी बढ़िया विकल्प है।

योग से पाएं खूबसूरत बट 

योग से पाएं परफेक्ट हिप्स

शेपली बट का एक अन्य जरिया है नियमित तौर पर योग करना। योग गुरु रूबी गोयल साफ शब्दों में कहती हैं, “मेरे पास कई ऐसी महिलाएं आती हैं, जिनकी चाहत होती है कि वे आकर्षक हिप की स्वामिनी बनें। वे यह नहीं समझ पातीं कि सबकी अपनी क्षमताएं और अपना शरीर है। सबको एक जैसी योग क्रियाएं सूट नहीं करतीं। यदि महिला का वजन निर्धारित सीमा से अधिक है, तो पहले उसे सही शेप में लाने पर ध्यान दिया जाता है। उसके बाद ही उसके शरीर के पिछले हिस्से को ध्यान में रखते हुए आसन बताए जाते हैं।”

कॉस्मेटिक सर्जरी भी है एक रास्ता 

परफेक्ट बट

समय और बदलते नजरिए ने कई महिलाओं को चाकू की नोंक के नीचे जाने को उद्धत किया है। वैसे भी इन दिनों अब कॉस्मेटिक सर्जरी पहले जैसी महंगी नहीं रही। अब न केवल राखी सावंत या शर्लिन चोपड़ा सरीखी अभिनेत्रियां ही चाकू को अपनी खूबसूरती की देन मानती हैं, बल्कि आम जीवन जीने वाली कई औरतों की भी सोच ऐसी ही है। नामी कॉरपोरेट कंपनी में ऊंचे पद पर जाने को उत्सुक शीना ने कुछ ऐसा ही करवाया है। उसे लगा कि उसमें वह बात नहीं जो उसकी दो सहेलियों में है। बस फिर क्या था, शीना पहुंच गई कॉस्मेटिक सर्जन के पास और करा लिया ब्रेस्ट इंप्लांट और बटॉक ऑगमेंटेशन।

बकौल शीना, “मुझे जिस आकर्षक फिगर की जरूरत थी, उसके लिए मैंने पूरे एक साल बैलेंस्ड डाइट ली और सही एक्सरसाइज भी की। इसके बावजूद भी जब मुझे रिजल्ट नहीं मिला तो मैंने कॉस्मेटिक सर्जन के क्लिनिक की राह पकड़ ली।”

बट इंहैंसमेंट, लिफ्ट और लाइपोसक्शन के लिए सर्जरी कराने की चाहत ने इधर बहुत जोर पकड़ा है। पहले ये सब इतने पॉपुलर नहीं थे। यह कांसेप्ट मूलत: ब्राजीलियन और अमेरिकन है, जहां की महिलाएं थॉन्ग्स और बिकनी में समुद्र किनारे घूमा करती हैं।

सही हो डब्ल्यूएचआर

खूबसूरत हिप्स

परफेक्ट बट पाने के लिए जरूरी तो यह भी है कि आपका वेस्ट टू हिप रेशियो भी बढ़िया हो। सही वेस्ट टू हिप रेशियो (डब्ल्यूएचआर) न केवल आपको जींस में बेजोड़ लुक देता है, बल्कि कई बीमारियों से आपका बचाव भी करता है। अध्ययन भी बताते हैं कि वेस्ट टू हिप रेशियो आपके स्वस्थ दिल का परिचायक है। आपका डब्ल्यूएचआर जितना सही होगा, आपको कार्डियोवस्कुलर बीमारियां होने का खतरा उतना कम होगा। इसके अलावा आइडियल डब्ल्यूएचआर बेहतरीन फर्टिलिटी का संकेत भी देता है, पुरुष और महिलाएं दोनों के लिए। अपने डब्ल्यूएचआर को कैलकुलेट करने के लिए अपने कमर और कूल्हे को मापिए। इसके बाद अपने कमर के माप को कूल्हे के माप से घटा दीजिए। महिलाओं के लिए आइडियल डब्ल्यूएचआर 0.7 है तो पुरुषों के लिए 0.85 से 0.9 तक।

परफेक्ट बट पाने के लिए एक्सरसाइज

साइड लेग लिफ्ट

परफेक्ट बट को पाने के लिए ऐसे कई एक्सरसाइज हैं, जिनकी मदद ली जा सकती है। इन्हें करना भी आसान है। ये एक्सरसाइज निम्न हैं –

1. साइड लेग लिफ्ट जरूर करें। इसके लिए जमीन पर साइड होकर लेट जाएं। अपने ऊपर वाले पैर को ऊपर की ओर उठाएं और दूसरे पैर को बिना स्पर्श किए नीचे करें। इस तरह के दस रेप्स (बार) के दो सेट करें। इस तरह से दोनों पैरों के लिए करें।

2. पीठ के बल जमीन पर लेट जाएं। घुटनों को मोड़कर एक पैर को धीरे से उठाएं, ऐसे कि पैर छत की ओर सीधा होकर उठे। पैर को वापस लेकर आएं, लेकिन आधे तक। इसके भी दस रेप्स के दो सेट करें। ऐसा दोनों पैर से करें। इसे किकबैक्स कहते हैं।

3. पीठ के बल लेट जाएं। घुटने को मोड़कर रखें। एक पैर को मोड़े हुए ही अपनी ओर उठाएं। इसे बेंट नी लिफ्ट कहते हैं। इसके भी दस रेप्स के दो सेट करें। ऐसा दोनों पैर से करें।

4. दीवार की ओर पीठ करके खड़ी हो जाएं। अब बड़े बॉल को लें और अपनी हिप व कंधे के बीच में रखें। बॉल को दबाएं नहीं, हल्के से रखें। अब दोनों हाथों को आगे करके बैठने की कोशिश करें। पूरी तरह से नहीं बैठें, फिर धीरे-धीरे उठ जाएं। इसे बॉल स्कवैट्स कहते हैं।

5. जमीन पर लेट जाएं। घुटनों को मोड़कर रखें। एक घुटने को अपने ब्रोस्ट के पास लाएं और अपने हाथ से तब तक पकड़कर रखें जब तक कि आपको स्ट्रेच न महसूस हो। दूसरे पैर से भी ऐसे ही करें। इसे बट स्ट्रेच कहते हैं।

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