गरिष्ठ भोजन का अधिक मात्रा में सेवन करने से कब्ज हो जाना आम बात है। लेख से जानें किस प्रकार आप कुछ आसान उपायों से कब्ज से निजात पा सकते हैं।

कब्ज में लाभदायक जड़ी-बूटियां

  • आंवला चूर्ण एक चम्मच रात में सोते समय पानी या दूध के साथ फांकने से कब्ज दूर होता है। आंवला चूर्ण को मधु के साथ भी ले सकते हैं। 
  • छुआरा और आंवला एक-एक नग रात को पानी में भिगोने के बाद सुबह मसलकर और छानकर दिन में 2-3 बार पीते रहने से भी कब्ज की शिकायत दूर हो जाती है।
  • त्रिफला, आंवला, हरड़, बहेड़ा-चूर्ण या केवल आंवला चूर्ण 5-10 ग्राम (1-2 चाय चम्मच) सोते समय रात में गर्म दूध या गर्म जल के साथ फांकने से कब्ज दूर होता है।
  • नीम के फूलों को साफ पानी में धोकर सुखा लें और उन्हें पीसकर सुखाकर रख लें। यह चूर्ण चुटकी भर नित्य रात को गर्म पानी से फंकी लें। कब्ज में फायदा होता है।
  • गंधर्व हरीत की चूर्ण आधा से एक चम्मच, रात को गुनगुने पानी से। 
  • गुलकंद एक-एक चम्मच सुबह-शाम दूध से।
  • एक ग्राम सनाय चूर्ण का कच्ची इमली के साथ सेवन करने से कब्ज दूर होती है।
  • हरड़, सौंफ, मिश्री समान भाग में पीसकर मिला लें। इसका एक चम्मच रात को सोते समय पानी से लें।
  • ग्वार पाठा (घृतकुमारी, घीग्वार) की मांसल पत्तियों के रस या गूदे में नमक मिलाकर सेवन करने से कब्ज दूर होता है।
  • सोंठ का चूर्ण 2 ग्राम लेकर उसमें थोड़ा-सा नमक मिला लें। गर्म पानी के साथ इसे ग्रहण करते रहने से कब्ज की शिकायत दूर रहती है।
  • हल्दी का चूर्ण एक चाय चम्मच प्रतिदिन सोने के पूर्व दूध के साथ लेते रहने से कब्ज और बवासीर से छुटकारा मिलता है।

कब्ज में लाभदायकरस

  • सेब और चुकन्दर का रस पीते रहने या सेब व चुकन्दर खाते रहने से कब्ज दूर रहता है।
  • दो चम्मच नींबू का रस, सुबह शौच के बाद, पुन: शाम को 250 मि.ली. पानी के साथ पीने से कब्ज दूर होता है।
  • तुलसी के पत्तों का रस, शहद, अदरक का रस और प्याज का रस समान मात्रा में लेकर चाटने से आंतों में जमा हुआ मल ढीला होकर निकल जाता है।
  • नींबू का रस और शक्कर प्रत्येक 12 ग्राम एक गिलास पानी में मिलाकर रात को पीने से कुछ ही दिनों में पुरानी कब्ज दूर हो जाती है।
  • कब्ज अधिक परेशान करे तो नाशपाती का एक कप रस रोज पीते रहें इससे भी कब्ज से जल्दी छुटकारा मिलता है।
  • संतरा दो नग लेकर सुबह उसका रस निकाल लें। उसमें थोड़ा पानी मिलाकर पी जाएं। ऐसे में स्वत: कब्ज में आराम मालूम पड़ने लगेगा।
  • आडू का रस 1/2 प्याला नित्य पीते रहने से भी कब्ज से छुटकारा मिलता है।
  • पत्ते वाली सब्जियों जैसे पालक, सोया, मेथी,पोयी, कुल्फा, चौलाई, पत्ता गोभी, शलजम, फूलगोभी, मूली व चुकंदर की हरी ताजी पत्तियों का किसी-न-किसी रूप में सेवन अवश्य करें। इनका तथा गाजर, टमाटर का झोल (रसा) भी पीएं।

कब्ज में लाभदायक फल

  • पपीता और अमरूद तो स्वयं ही कब्ज की औषधियां हैं। इनका नियमित प्रयोग करते रहने से कब्ज होने का प्रश्न ही नहीं पैदा होता। इनके पके फलों का सेवन स्वाद के साथ बराबर करते रहें, कब्ज में आराम होगा।
  • अमरूद खाने से आंतों में तरावट आती है और कब्ज दूर होती है। इसे रोटी खाने से पहले खाना चाहिए क्योंकि रोटी खाने के बाद यह कब्ज करता है। इसे सेंधा नमक के साथ खाने से पाचन शक्ति में सुधार होता है।
  • भूखे पेट सेब खाने से कब्ज दूर होता है। सेब का छिलका दस्तावर होता है। अत: कब्ज वालों को सेब छिलका सहित खाना चाहिए। खाना खाने के बाद सेब खाने से कब्ज हो जाता है। अत: कब्ज वालों को खाना खाने के बाद सेब नहीं खाना चाहिए।
  • बब्बूगोशा का एक या दो फल खाते रहने से कब्ज दूर रहती है। ताजे फल व ताजी सब्जियां सलाद के रूप में या कच्ची दशा में तथा पकाकर भी प्रयोग करें।

कब्ज में लाभदायक नुस्खे

  • सुबह उठते ही बासी मुंह तांबे के बर्तन में साफ रखा हुआ पानी पीते रहने से कब्ज दूर रहता है।
  • प्रतिदिन नियमित रूप से भोजन के बाद तुलसी की कुछ पत्तियां स्वच्छ जल के साथ लेने से पुराने-से-पुराना कब्ज दूर हो जाता है।
  • कब्ज होने पर देसी घी में पिसी हुई काली मिर्च मिलाकर खाएं साथ ही प्रतिदिन सोने से एक घण्टा पूर्व गर्म दूध में थोड़ा सा देसी घी मिलाकर पिएं।
  • पेट में दर्द, अफारा, ऐंठन और कब्ज की शिकायत होने पर हींग को गर्म पानी में घोलकर नाभि व उसके आस-पास लगा दें। साथ ही नमक के साथ हींग के चूर्ण का सेवन करें।
  • रात को सोते समय एक कप दूध में एक अंजीर और चार मुनक्के (बीज निकले हुए) पकाकर खा लें। ऊपर से दूध पी लें। कब्ज से राहत मिलेगी।
  • नित्य खाये जाने वाली साग-सब्जी में लहसुन डालकर पकाएं। इस प्रकार नित्य लहसुन खाने से कब्ज नहीं रहती।
  • गुलाब की पत्ती, सनाय तथा छोटी हरड़ तीनों को 3:2:1 के अनुपात में 50 ग्राम लेकर उबाल लें, चौथाई पानी रहने पर रात में गुनगुना ही पी जाएं। कब्ज पर यह प्रयोग रामबाण है।
  • सुबह उठकर कम से कम दो गिलास पानी अवश्य पीना चाहिए। पानी में एक नींबू का रस मिला लें तो और भी उपयोगी रहेगा।
  • चोकर सहित आटे की रोटी और छिलके सहित दाल का प्रयोग करने से पेट साफ रहता है। 

अन्य उपचार

  • पेट को साफ करने के लिए कोई घुमावदार और सख्त भोजन नहीं लेना चाहिए। उसके स्थान पर प्रात: बिस्तर छोड़ते ही पाखाना जाने से पहले मुंह पर ठोड़ी के मध्य भाग में (चिम्बुक पर) तीन से छह मिनट तक दबाव दीजिए अथवा मसाज कीजिए। इससे पेट साफ होगा। कब्ज दूर होगी और अनेक रोगों से मुक्ति मिलेगी।
  • ठोड़ी के बीच वाले भाग पर अंगूठा रखकर तीन से छह मिनट तक इर्द-गिर्द जोर लगाकर मलने से पेट साफ हो जाता है। तन्दुरुस्त रहने के लिए कब्ज को दूर करना अति आवश्यक है।
  • कब्ज में जुलाब लेने की जरूरत नहीं है। कब्ज को ठीक करने के लिए ऐसे अनेकों इलाज हैं। खाली पेट उबला हुआ गुनगुना पानी पीजिए और सप्ताह में एक-आध बार पेट को भी आराम दीजिए अर्थात् व्रत कीजिए। ऐसा करने से सब ठीक-ठाक हो जाता है। आहार में पानी, छाछ तथा फलों वाली साग-भाजी अधिक मात्रा में लें।
  • भोजन भर पेट नहीं खाना चाहिये।

जल्दी पचने वाला और सुपाच्य भोजन ही लेना चाहिए तथा भोजन को चबा-चबा कर खाएं क्योंकि पाचन शक्ति को कायम रखने के लिए सुपाच्य भोजन ही ठीक रहता है। 

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