अमूमन जब हम किसी फल को खाते हैं, तो उसके बीज को फेंक देते हैं। ऐसा हिम हम नींबू के साथ भी करते हैं। अमूमन हम सब लोग नींबू के बीज को इसलिए भी छोड़ देते हैं क्योंकि इसका स्वाद कड़वा होता है और यह आपके जूस और स्मूदी के अच्छे स्वाद को कम कर सकता है। हालांकि, सच तो यह है कि नींबू के बीज में कई हेल्थ बेनेफिट्स होते हैं, जिन्हें खाना सुरक्षित है।

नींबू के बीजों के नूट्रिशनल बेनेफिट्स

यह कहा जाता है कि नींबू के बीजों में निहित नूट्रिशन सम्पूर्ण नींबू के बराबर होता है। इसमें एंटी- ऑक्सीडेंट की बढ़िया मात्रा होती है, जिसमें मुख्य तौर पर विटामिन सी होता है। इसमें सैलीसाइक्लिक एसिड भी होता है, जो दर्द से राहत दिलाने में सक्षम है। इसमें एमीनो एसिड के साथ प्रोटीन की कम मात्र आऊर फैट भी है, जो हमारे हेल्थ के लिए लाभदायक है।

नींबू के बीजों के हेल्थ बेनेफिट्स  

यहां नींबू के कुछ हेल्थ बेनेफिट्स के बारे में बताया जा रहा है, जिनके बारे में आपको जानकर हैरत होगी।

डिटॉक्सिफाइंग गुण

कई बार हम अनचाहे ही नींबू के बीजों को नींबू के साथ ब्लेन्ड कर देते हैं। इसमें घबराने की दिक्कत नहीं है, क्योंकि बीज में बहुत अच्छे डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं। नींबू के बीज बॉडी से टॉक्सिन, पैरासाइट और अन्य अनचाही चीजों को साफ करने में सक्षम हैं। यह खाने में भले ही थोड़ा कड़वा है लेकिन इक्से हेल्थ बेनेफिट्स को हम अनदेखा नहीं कर सकते हैं।

दर्द से छुटकारा

नींबू के बीजों में सैलीसाइक्लिक एसिड होते हैं, जो ऐस्प्रिन का एक मुख्य गुण है। सिरदर्द और अन्य तरह एक दर्द को ठीक करने के लिए लोग अमूमन ऐस्प्रिन पर भरोसा करते हैं। इस तरह से नींबू के बीज सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके से दर्द से छुटकारा पाने में मदद करते हैं।

पेट के कीड़े से मुक्ति

यह बच्चों के लिए आम है कि उनके पेट में कीड़े हो जाते हैं। हालांकि, हम नहीं चाहते कि ऐसा हो। पेट के कीड़े न केवल बच्चों के पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि बच्चों के विकास के लिए सही भी नहीं होते हैं। इस मामले में, नींबू के बीज अपने डिटॉक्सिफाइंग गुण से पेट के कीड़ों को दूर करने के लिए प्राकृतिक रेमेडी के तौर पर काम करते हैं। इसके लिए, नींबू के बीज को कृष करके इसे दूध या पानी के साथ उबालना चाहिए। यह दूध बच्चों को देने से उनके पेट के कीड़े निकल जाएंगे।

फंगल इन्फेक्शन कैंडीडिएसिस से बचाव  

नींबू के बीजों का एक अन्य फायदा कैंडीडिएसिस से बचने का भी है। कैंडीडिएसिस एक फंगल इन्फेक्शन है, जो डायजेसतीव ट्रैक में कैंडीडा की वजह से हो जाता है। इस मामले में, नींबू के बीजों के एंटी फंगल गुण प्रभावशाली तरीके से इन्फेक्शन से लड़ने में सक्षम है।

स्किन को करता है नरिश

नींबू की तरह नींबू के बीज में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है। एक लाभदायक एंटी- ऑक्सीडेंट के रूप में यह हेल्दी और जवां स्किन के लिए फायदेमंद है। यही वजह है कि आपको कई स्किन केयर प्रोडक्ट में नींबू के बीज मिल जाएंगे। बीज एसेंशियल ऑइल का निर्माण करते हैं, जो स्किन को अच्छी तरह से नरिश और मॉइस्चराइज करते हैं।

एक्ने का इलाज

नींबू के बीज एंटी- बैक्टीरियल गुणों के जैसे हेल्थ बेनेफिट्स की तरह एसेंशियल ऑइल का भी निर्माण करते हैं। इस तरह से नींबू के बीजों से निकलने वाला एसेंशियल ऑइल एक्ने को ठीक करने के लिए लाभकारी है। क्योंकि हम सब जानते हैं कि एक्ने का मुख्य दोषी बैक्टीरियल इन्फेक्शन है।

अच्छी खुशबू की वजह से एरोमाथेरेपी में प्रयोग

बेनेफ़िशियल न्यूट्रिएंट्स के तौर पर नींबू के बीजों के कई हेल्थ बेनेफिट्स तो हैं लेकिन इसकी खुशबू का इस्तेमाल भी कई चीजों में किया जा सकता है। आपके मूड को एन्हैन्स करने में एरोमाथेरेपी में या किसी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट में इसकी प्राकृतिक खुशबू का इस्तेमाल किया जा सकता है। मच्छरों को भगाने के लिए भी रूम फ्रेशनर के तौर पर इसका प्रयोग किया जा सकता है। हम सब जानते हैं कि मच्छरों को ताजे नींबू की खुशबू पसंद नहीं है।

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का इलाज

चूंकि नींबू के बीजों में पावरफुल एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं तो यह यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए भी बढ़िया है। नींबू के बीज के सत्व एंटीबायोटिक रेसिस्टेंट यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन से भी लड़ सकते हैं। सिर्फ सत्व ही नहीं, हम नींबू के बीज का इस्तेमाल भी इसके लिए कर सकते हैं।

नेल फंगस का इलाज

नींबू के बीज के सत्व का प्रयोग एथलीट फुट और नेल फंगस को ठीक करने के लिए किया जा सकता है। पैर की उंगलियों के आस- पास की स्किन पर होने वाली खुजली और जलन को कम करने के लिए इसका इस्तेमाल टी ट्री ऑइल की तरह किया जा सकता है।

एंटी- बैक्टीरियल स्प्रे के तौर पर

नींबू के बीज के सत्व का प्रयोग एंटी- बैक्टीरियल स्प्रे की तरह किया जा सकता है। आप इसे अपने चेहरे, हाथ, खाने वाले बर्तनों पर डाल सकते हैं। यहां तक कि अपनी लॉन्ड्री को बैक्टीरिया मुक्त रखने के लिए लैस रिन्स के तौर पर भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।

नींबू के बीज के सेवन से जुड़ी सावधानी

नींबू के बीजों को सुरक्षित माना गया है, फिर भी यह कुछ हेल्थ डिसऑर्डर वाले लोगों के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। सामान्य स्वास्थ्य वाले लोगों में भी नींबू के बीजों के ज्यादा प्रयोग से कब्ज और खराब पेट जैसी अपच की समस्या हो सकती है। यह सलाह दी जाती है कि आप बीज को कृष करके ही खाएं क्योंकि करुच किए हुए बीज आपके डायजेस्टिव ट्रैक के लिए कम खतरनाक होते हैं। आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि नींबू के बीज का प्रयोग आप सप्लीमेंट के तौर पर करें, न कि मेडिसिनल जरूरत के तौर पर।  

 

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