BMI range

BMI Range: कहते हैं पहला सुख निरोगी काया। अपने शरीर को स्वस्थ रखना सबसे महत्वपूर्ण है और स्वस्थ रखने के लिए वजन को नियंत्रित रखना बेहद ज़रूरी है। किसी भी व्यक्ति का वजन उसकी लंबाई के हिसाब से होना चाहिए जो उसे पूरी तरह फिट बताए। इस बात को समझने के लिए बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई की जानकारी होना जरूरी है। आप ओवरवेट हैं या अंडरवेट, यह बीएमआई के आधार पर जाना जा सकता है।

क्या है बीएमआई

किसी व्यक्ति की लंबाई के आधार पर एक स्वस्थ शरीर के वजन का आकलन करने के लिए एक उपयोगी साधन के रूप में बीएमआई को देखा जा सकता है। बीएमआई यह बताता है कि व्यक्ति के शरीर का वजन आपकी लंबाई के अनुसार सही है या नहीं। यह वास्तव में शरीर की लंबाई और वजन का अनुपात है। बीएमआई शरीर की चर्बी को नहीं नापता है बल्कि शरीर में मोटापे की स्थिति के बारे में बताता है और शरीर की लंबाई के आधार पर आदर्श वजन बताता है।

अधिक वजन या मोटापे से पीड़ित होने के कारण स्वास्थ्य स्थितियों के होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए सही वजन रखने की दिशा में काम करने करना चाहते हैं तो बीएमआई को जानना मददगार साबित हो सकता है। अगर आपका बीएमआई सही नहीं है, तो आपको डायबिटीज, स्‍ट्रोक, हाई ब्‍लड प्रेशर, हाई एलडीएल कोलेस्‍ट्रॉल, हार्ट डिजीज़ और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसे स्‍वास्‍थ्‍य जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।

कैसे नापते हैं बीएमआई

व्यक्ति के किलोग्राम वजन को उसके वर्ग मीटर लम्बाई से भाग देकर किया जाता है यानी लंबाई को लंबाई से गुणा करते हैं।

ये है फॉर्मूला

बीएमआई = वजन (किलोग्राम) / (ऊंचाई X ऊंचाई (मीटर में))

मान लीजिए वजन 60 किलो है और लंबाई 166 सेमी (1.66 मीटर) है,

बीएमआई : 60 / (1.66 X 1.66) = 21.77

इस फॉर्मूले को पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए उपयोग किया जाता है, खासकर जिनकी उम्र 20 या उससे अधिक हो।

18.5 से कम बीएमआई यानी अंडरवेट

अगर आपकी लंबाई और वजन के आधार पर बीएमआई इंडेक्स 18.5 से कम आता है, तो आपका वजन सामान्य से कम है और आपको इसको बढ़ाने की दिशा में कोशिश करनी चाहिए।

18.5-24.9 के बीच बीएमआई यानी हेल्‍दी वेट

बीएमआई लेवल 18.5-24.9 के बीच में आता है तो यह सामान्य स्थिति है यानी लंबाई और वजन के हिसाब से स्वस्थ वजन है। इसे बनाए रखना ज़रूरी है।

25-29.9 से बीच बीएमआई यानी ओवरवेट

अगर बीएमआई का स्तर 25-29.9 से बीच है तो व्यक्ति ओवरवेट की स्थिति में है। इसका मतलब है कि सामान्य से अधिक वजन है और इसे कम करने के लिए प्रयत्न ज़रूरी है ताकि स्वस्थ वजन हासिल हो पाए।

30 से ज्यादा बीएमआई यानी मोटापा

BMI Range

बीएमआई इंडेक्स का 30 से अधिक आना ओबेसिटी यानी मोटापा बताता है। लंबाई के हिसाब से व्यक्ति का वजन काफी अधिक है और वह मोटापे से ग्रस्त है।

40 से ज्यादा बीएमआई यानी अत्यधिक मोटापा

बीएमआई की 40 से अधिक संख्या यह बताती है कि व्यक्ति में ओबेसिटी की स्थिति ने ज्यादा विकृत रूप ले लिया है। इस स्थिति के लिए चिकित्सकीय परामर्श और इलाज की ज़रूरत पड़ सकती है।

बच्चों और किशोरों में बीएमआई

BMI Range

बच्चों और किशोरों के लिए बॉडी मास इंडेक्स का उच्च होना बीमारियों का कारण बन सकता है, जबकि कम वजन होने से बच्चे को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी हो सकता है। वयस्कों के विपरीत, बच्चों और किशोरों में बीएमआई उम्र और लिंग-विशिष्ट है। बीएमआई की गणना के बाद, यह उस पर्सेंटाइल के संबंध में व्यक्त किया जाता है जो बच्चे के अपने आयु वर्ग और लिंग के अनुसार फिट बैठता है। वयस्कों के समान फॉर्मूले का इस्तेमाल करके गणना की जाती है, लेकिन इसे निरपेक्ष मान के रूप में नहीं, बल्कि पर्सेंटाइल के रूप में व्यक्त किया जाता है। पर्सेंटाइल जिसे ग्राफ या पर्सेंटाइल कैलकुलेटर से प्राप्त किया जा सकता है। पर्सेंटाइल समान लिंग और उम्र के अन्य बच्चों के सापेक्ष बच्चे के बीएमआई को व्यक्त करते हैं। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) ने 2 से 20 साल के बच्चों के लिए इस बीएमआई सूची को जारी किया है।

5 पर्सेंटाइल से कम यानी अंडरवेट

ऐसे बच्चों का वजन सामान्य से कम होता है और कुपोषण की स्थिति में भी आ सकते हैं।

5% से लेकर 85% से कम यानी हेल्दी वेट

इस पर्सेंटाइल के बीच आने वाले बच्चे एक सामान्य वजन के साथ विकास कर रहे हैं। उनके वजन को लेकर चिंता की ज़रूरत नहीं है।

85% से लेकर 95% से कम यानी ओवरवेट का जोखिम

इस श्रेणी में आने वाले बच्चों को वजन को लेकर सतर्क होना होगा क्योंकि यहां ओवरवेट होने का जोखिम है।  

95% के बराबर या इससे अधिक यानी ओबेसिटी

इस पर्सेंटाइल को छूने वाले या इसे पार करने वाले बच्चे मोटापे के शिकार हैं और माता-पिता को इस स्थिति से निपटने के लिए कोशिश करनी होगी।

गर्भावस्था में बीएमआई

बीएमआई का इस्तेमाल गर्भवती महिलाओं या बुजुर्गों के लिए नहीं करना चाहिए। बॉडी बिल्डर्स और एथलीट्स के लिए भी बीएमआई का उपयोग नहीं होना चाहिए। इसकी एक बड़ी वजह है कि इन मामलों में यह सही कैलकुलेशन करने में सक्षम नहीं है। बीएमआई मांसपेशियों या वसा को अलग रूप से नहीं समझ पाता है। जैसे कि गर्भवती महिलाओं का वजन सिर्फ उनके वजन के आधार पर नहीं बल्कि इसमें गर्भ में पल रहे बच्चे का वजन भी शामिल होता है। गर्भावस्था के दौरान आपका वजन बढ़ता है और हाइट उतनी ही रहती है। जिसके परिणामस्वरूप बीएमआई का स्कोर बढ़ जाता है जिसकी वजह से गर्भावस्था के चलते आप ओवरवेट या ओबीज हो सकती हैं। यह चिंता का कारण तब तक नहीं है जब तक आपका वजन हेल्दी तरीके से बढ़ता है जैसा कि गर्भावस्था की शुरूआत में बताया गया था।

बीएमआई ही एकमात्र कारक नहीं

बीएमआई आपके समग्र स्वास्थ्य को निर्धारित करने में सिर्फ एक कारक है। बीएमआई के अलावा ब्लड लिपिड लेवल और ब्लड प्रेशर अन्य कारकों को भी यह निर्धारित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जाना चाहिए कि क्या आप अच्छे स्वास्थ्य में हैं। एक उच्च बीएमआई का मतलब हमेशा यह नहीं होता है कि आप ओवरवेट हैं। वास्तव में, अधिक मासंपेशियों वाले लोगों में अक्सर उच्च बीएमआई होता है, लेकिन शरीर में फैट का उच्च प्रतिशत नहीं होता है।

चूंकि बीएमआई आपके स्वास्थ्य का सिर्फ एक संकेतक है, इसलिए यदि कम या ज्यादा बीएमआई आता है, तो अपने डॉक्टर से बात करना सबसे अच्छा है। किसी एक्सपर्ट से मिलने से यह निर्धारित करने में मदद मिल सकती है कि क्या कोई अंतर्निहित स्वास्थ्य समस्याएं हैं। जैसे कि  अचानक वजन बढ़ना थायराइड की समस्या से जुड़ा हो सकता है। वजन में अचानक बदलाव,  कुछ मामलों में,  कैंसर का लक्षण हो सकता है। इसलिए यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को मापने का बीएमआई केवल एक साधन है।

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