डकारें क्यों आती हैं
डकारें क्यों आती हैं

डकारें आना एक सामान्य बात है। जब आपके पेट में अधिक हवा इकठ्ठी हो जाती है तो उसे बाहर निकालने के लिए डकारें आती हैं। शोध के मुताबिक डकारे आने को इरेक्शन कहा जाता है। जिसमें एक आवाज के साथ हवा इसोफैगस से फेरिंक्स की तरफ जाती है। डॉक्टर के अनुसार डकारें आना कोई बीमारी नहीं लेकिन जरूरत से ज्यादा डकारें आने पर आपको चिकित्सक से संपर्क जरूर करना चाहिए।

दरअसल हम अत्याधिक गर्म या जल्दी-जल्दी या बहुत तला होना खाना खाते हैं तो उसकी वजह से पेट में गैस बन जाती है और जो डकार के माध्यम से निकलती है।

या कई बार जब आपके पेट में डाइजेशन बिगड़ जाता है तब भी डकारें आ सकती हैं या डकारों के साथ उल्टी, पेट फूलना, पेट में दर्द जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं विस्तार से how to stop burping :

डकारें किस कारण से आती हैं?

  • डकार हमें तब आती हैं जब हमारे डाइजेस्टिव ट्रैक्ट के ऊपर अधिक मात्रा में हवा इकठ्ठी हो जाती है, आपका शरीर इस हवा को बाहर निकालने के लिए डकार मारता है। ऐसा तब होता है जब हम अधिक हवा अंदर ले जाते हैं और अधिक हवा तब अंदर जाती है जब हम जल्दी जल्दी खाना खाते हैं, खाना खाते समय बातें करने लग जाते हैं या च्यूइंग गम खाते हैं। तब यह हवा हमारे पेट तक भी नहीं पहुंच पाती बल्कि एसोफैगस नली में ही रह जाती है।
  • कई बार एसिड रिफ्लेक्स के कारण या आपका पेट फूल जाने के कारण आपको अधिक डकारें आ सकती है। 
  • अगर आपको काफी अधिक डकार आती हैं और यह समस्या काफी पुरानी है तो आपको क्रोनिक डकारों की दिक्कत हो सकती है। यह स्थिति पेट की लाइनिंग में इंफेक्शन या सूजन आने के कारण हो सकती है। ऐसी स्थिति में डकार आने के साथ-साथ अन्य समस्याएं भी जैसे हार्ट बर्न और पेट दर्द देखने को मिलती हैं।
  • कुछ फूड भी अधिक बार-बार डकार आने का कारण बन सकते हैं। इनमें कार्बोनेटेड पेय, शराब, और स्टार्च, चीनी, या फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हैं। 

उदाहरण के लिए 

  1. फलियां
  2. मसूर की दाल
  3. ब्रोकोली
  4. मटर
  5. प्याज
  6. पत्ता गोभी
  7. गोभी
  8. केले
  9. किशमिश आदि

डकार को कैसे करें कम?

धूम्रपान न करें

जब आप सिगरेट को अंदर ले जाती हैं तो धुएं के साथ साथ बाहर की काफी अधिक हवा आपके अंदर चली जाती है। जिसके कारण अधिक डकार आने लग जाती हैं।

गम और कैंडी

अगर आपको अधिक डकार आती हैं तो च्यूइंग गम और कैंडी का सेवन करने के कारण भी ऐसा हो सकता है इसलिए आपको इन्हें अवॉइड करना चाहिए।

धीरे-धीरे खाएं

डकार आने का एक कारण जल्दी-जल्दी खाना खाना होता है। अगर आराम से खाना खायेंगे तो आपके अंदर कम हवा जायेगी जिससे आपको डकार से राहत मिल सकती है।

शुगर ड्रिंक्स और बीयर न पिएं

जब आपके शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड रिलीज होती है तब भी कई बार डकार आती हैं। इन ड्रिंक्स को पीने से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड इकठ्ठी हो जाती है जिसके कारण डकार की संख्या भी बढ़ जाती है।

हार्ट बर्न की समस्या ठीक करें

अगर आप हार्ट बर्न या एसिड रिफ्लक्स से गुजर रहे हैं तो आपको इसे ठीक करने के लिए दवाइयों का सेवन करना चाहिए। ताकि इसके कारण आने वाली डकारों को कम किया जा सके।

क्या आपको डकार आने की स्थिति में डॉक्टर के पास जाना चाहिए?

डकार आना एक आम प्रक्रिया है, जिसे आप ऊपर लिखी टिप्स के माध्यम से कम कर सकती हैं। इसके लिए आपको डॉक्टर के पास जाने की कोई जरूरत नहीं होती है। लेकिन जब डकार के साथ साथ आप को अन्य लक्षण भी दिखते हैं, जैसे- जब आपको डायरिया भी साथ में हो, स्टूल पास करते समय आपको खून आ रहा हो, लगातार पेट में दर्द आदि की समस्या है तो आप डॉक्टर को जरूर दिखाएं।

कुछ घरेलू उपाय भी हैं जिससे डकार को नियंत्रित किया जा सकता है।

करें नींबू पानी का सेवन

जब आपको डकारे आना शुरू हो तो इसका एक बहुत ही साधारण सा उपाय है कि आप सादे पानी में नींबू और काला नमक मिलाकर पिएं।

मीठा दही भी देगा आराम

यदि आपको दिन के किसी समय में खट्टी डकार आना शुरू हो जाए तो इसका एक और आसान सा उपाय है कि आप मीठा दही खाएं। दही आपके पेट के लिए वैसे भी एक अच्छा प्रोबायोटिक है।

सौंफ और मिश्री

अगर यही समस्या आपको शाम या रात को हो तब मिश्री और सौंफ का सेवन करें आपको तुरंत आराम मिलेगा। वैसे भी सौंफ को एक अच्छा एंटासिड माना जाता है। साथ ही मिश्री भी पेट को आराम पहुंचाती है।

काला नमक

यदि हम काले नमक की बात करें तो पेट में हो रही है एसिडिटी के लिए काला नमक बहुत आरामदायक है। यदि आप नींबू में काला नमक लगाकर खायेंगी तो भी आराम मिलेगा या आप काले नमक को चुटकी भर जीरा, चुटकी भर अजवाइन के साथ और साथ में थोड़ी सी हींग के साथ मिलाकर खाएंगी तो भी आराम मिलेगा।

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