कोल्ड प्रेस्ड ऑयल के बारे में मैंने पहली बार तब सुना था, जब मैं बैंगलोर गई थी। मुझे वहीं पता चला था कि तेल भी कोल्ड और हॉट प्रेस्ड होता है। हम अमूमन जिस तेल में खाना बनाते हैं, वे सब हॉट प्रेस्ड ऑयल होते हैं। कोल्ड प्रेस्ड ऑयल वे होते हैं, जिन्हें कमरे के तापमान पर तेल के बीजों को क्रश करके नैचुरली तेल निकाला जाता है। इसमें कोई अतिरिक्त गर्माहट या केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। यही वजह है कि इसे सबसे हेल्दी ऑयल माना जाता है। इसमें एसिड वैल्यू भी कम रहती है।

कोल्ड प्रेस्ड ऑयल का इतिहास

आपको यह जानकर शायद आश्चर्य हो लेकिन कोल्ड प्रेस्ड ऑयल का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ा है। हड़प्पा के अवशेषों में तेल बनाने वाली मशीनें मिली हैं। जांच के बाद पता चला कि वे 5000 साल से अधिक पुराने हैं।

कोल्ड प्रेस्ड और हॉट प्रेस्ड तेलों में अंतर

कोल्ड प्रेस्ड ऑयल की प्रक्रिया में तेल के बीजों को धीरे-धीरे क्रश करके उनसे प्राकृतिक तरीके से तेल निकाला जाता है। इस दौरान तेल के बीजों के न्यूट्रिएन्ट्स और स्वाद बरकरार रहते हैं। वहीं हॉट प्रेस्ड ऑयल की प्रक्रिया में तेज गर्माहट और केमिकल सॉल्वेंट का इस्तेमाल करते हुए तेल निकाला जाता है। इस समय तापमान 200 डिग्री सेल्सियस रहता है। केमिकल और गर्मी की वजह से तेल से अधिकतर पोषक तत्व और स्वाद गायब हो जाते हैं।

क्या वाकई कोल्ड प्रेस्ड अधिक स्वस्थ होते हैं?

इसमें कोई शक नहीं है कोल्ड प्रेस्ड तेल हॉट प्रेस्ड तेलों की तुलना में अधिक लाभदायक होते हैं, क्योंकि उनमें पोषक तत्त्व बरकरार रहते हैं। इनमें एंटी- ऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो अमूमन हॉट प्रेस्ड तेलों में नहीं होते। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें बहुत तेज गर्मी में बनाया जाता है। अधिकतर कोल्ड प्रेस्ड ऑयल में विटामिन ई प्रचुर मात्रा में होता है, जिसमें एंटी-इन्फ्लेमेट्री और ओलेक एसिड होता है। यह आपकी इम्युनिटी को बूस्ट करता है।

कई तरह के कोल्ड प्रेस्ड ऑयल

तिल का तेल : इसमें  सेसमोल होता है, जो विटामिन-ई के अवशोषण में मदद करता है। सेसमोल एक बढ़िया एंटी- ऑक्सीडेंट है और एंटी- फंगल है। इस तेल में विटामिन-बी12, विटामिन-बी6 और तेज स्वाद होता है। आप इसका इस्तेमाल खाना पकाने के लिए कर सकती हैं लेकिन यह ध्यान रखें कि इसका इस्तेमाल कम मात्रा में किया जाए।

नारियल तेल : कोल्ड प्रेस्ड नारियल के तेल में कोकोसिटोल होता है। यह एक प्लांट अल्कोहल है, जो नारियल में पाया जाता है। कोल्ड प्रेस्ड नारियल तेल गुड एचडीएल कोलेस्ट्रॉल को बॉडी में बढ़ाता है और मीडियम गर्माहट पर कुकिंग के लिए सही है। इसका इस्तेमाल बेकिंग के लिए भी किया जा सकता है।

फ्लैक्ससीड ऑयल : यह ओमेगा-3 फैटी एसिड में समृद्ध है। यह मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाता है ताकि फैट बर्न करना आसान हो जाए। यह हमारे लीवर के फंक्शन में भी सुधार लाता है। यह तेल एनर्जी के निर्माण में हमारी बॉडी की मदद करता है। साथ ही हमारी बॉडी में वॉटर रिटेंशन को भी कम करता है।

कोल्ड प्रेस्ड ऑयल के लाभ

यह जरूरी है कि आप अपने आहार में जिस तेल का इस्तेमाल कर रही हैं, वह पौष्टिक हो। आप उस ऑयल को याद कीजिए, जिस पर लोजॉर्ब, रिफैन्द, ब्लान्च्ड, लाइट लिखा रहता है। ये सब अमूमन वेट लॉस की बातें करते हैं जबकि सच तो यह है कि ये सब तेज तापमान पर प्रोसेस्ड किए गए रहते हैं। इनमें केमिकल्स खूब होते हैं लेकिन कोई न्यूट्रिएन्ट्स नहीं! आप खुद सोचकर देखिये, अपनी डाइट में ऐसे तेल को शामिल करने का क्या फायदा? इसलिए हमारे लिए कोल्ड प्रेस्ड ऑयल के लाभ के बारे में जानना जरूरी है।

पोषण में समृद्ध : इसमें हर तरह के विटामिन, एंटी-ऑक्सीडेंट, फॉस्फोलिपिड्स, लेसिथीन और प्रोटीन होता है।

खतरनाक केमिकल से फ्री : हॉट प्रेस्ड ऑयल को बनाते समय सोडियम, हेक्सेन, हाइड्रोक्साइड, ब्लीचिंग एजेंट्स, सोडियम बायकार्बोनेट जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, जबकि कोल्ड प्रेस्ड ऑयल पूरी तरह से ऑर्गेनिक होते हैं और इनमें टॉक्सिक केमिकल्स बिल्कुल नहीं होते हैं। 2 कम कोलेस्ट्रॉल : कोल्ड प्रेस्ड ऑयल को बिना गर्माहट के निकाला जाता है, जिसकी वजह से इसमें सभी न्यूट्रिशन बच जाते हैं। इसमें कोलेस्ट्रॉल लेवल कम रहता है, जिसकी वजह से वजन कम करने में भी मदद मिलती है। यह हमारी स्किन के लिए भी अच्छा होता है।

इम्यून सिस्टम करे बूस्ट : कोल्ड प्रेस्ड ऑयल में व्याप्त एंटी-ऑक्सीडेंट आपकी बॉडी में रेडिकल सेल डैमेज को कम करने में मदद करते हैं। ये एंटी- इन्फ्लेमेशन गुण वाले होते हैं, जो इम्युनिटी को बेहतर बनाते हैं।

क्या इनका इस्तेमाल रेग्युलर कुकिंग ऑयल की जगह किया जा सकता है?

ऐसे कई तेल के बीज हैं, जिनसे हम प्राकृतिक तरीके से तेल निकाल सकते हैं और उस दौरान उनके प्राकृतिक गुण बने रहते हैं। तेल के ये बीज हैं- तिल, मूंगफली, सूरजमुखी, कैनोला, नारियल और ऑलिव। आप बिना हिचकिचाए अपने रेगुलर कुकिंग ऑयल को कोल्ड प्रेस्ड ऑयल से बदल सकती हैं। खाना बनाते समय कोल्ड प्रेस्ड ऑयल से झाग नहीं निकलता है जबकि हॉट प्रेस्ड ऑयल में ऐसा होता है। ध्यान रखें कि आप इन तेलों को हाई टेम्परेचर पर एक्सपोज न करें। इनका इस्तेमाल वैसे भोजन पकाने के लिए करें, जिन्हें धीमे या मध्यम तापमान पर बनाया जा सकता है। यदि आप इन तेलों का इस्तेमाल डीप फ्राइंग के लिए करेंगी तो अनसैचुरेटेड फैट्स टूट सकते हैं और ये सेवन के लिए असुरक्षित हो सकते हैं।

जरूरी बातें

अगर आप हॉट प्रेस्ड ऑयल की जगह कोल्ड प्रेस्ड ऑयल को अपनी डाइट में शामिल करने के बारे में सोच रही हैं तो ऐसा धीरे-धीरे करें, क्योंकि अगर आपको लंबे समय से रिफाइंड ऑयल खाने की आदत है तो आपकी बॉडी को इसके साथ एडजस्ट होने में समय लगेगा। ये तेल बिना किसी खतरनाक केमिकल्स और प्रीजर्वेटिव्स के होते हैं तो इनका सेवन 3-4 महीने के अंदर ही कर लेना चाहिए।

अगर आप हॉट प्रेस्ड ऑयल की जगह कोल्ड प्रेस्ड ऑयल को अपनी डाइट में शामिल करने के बारे में सोच रही हैं तो ऐसा धीरे-धीरे करें, क्योंकि अगर आपको लंबे समय से रिफाइंड ऑयल खाने की आदत है तो आपकी बॉडी को इसके साथ एडजस्ट होने में समय लगेगा।

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