कटहल से न केवल स्वादिष्ट मसालेदार सब्जी बल्कि अन्य कई डिशेज भी बनते हैं। केरल का पसंदीदा डिजर्ट जैकफ्रूट आइसक्रीम भी मिलती है, जिसका नाम मैंने पहली बार सुना था तो उछल पड़ी थी। खाया तो स्वाद अच्छा लगा, हल्का मीठा! कटहल में वह सब कुछ है, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी, कई तरह के विटामिन बी, पोटैशियम, आयरन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, जिंक और फॉस्फोरस इस फल को जो सब्जी के अंतर्गत आता है, को हेल्दी बनाते हैं। कटहल के बीज में प्रोटीन, मिनरल और फाइबर खूब होता है। आज हम कटहल की नई रेसिपीज और फिर इसके हेल्थ बेनेफिट्स के बारे में जानते हैं।

कटहल आइसक्रीम

 

सामग्री – 300 ग्राम पका कटहल, 100 ग्राम शक्कर, 1 छोटा चम्मच वनीला एक्सट्रैक्ट, 120 ग्राम लो फैट क्रीम, 200 ग्राम फेंटी हुई क्रीम और चुटकी भर नमक

विधि – पके कटहल को काटकर एक सॉसपैन में शक्कर में साथ रखें। इसे मध्यम से कम आंच पर 40 मिनट तक पकाएं, जब तक कि कटहल पूरी तरह से शक्कर में न मिल जाए। गैस बंद करके इसे ठण्डा होने दें। अब इसे ब्लेंडर में डालकर नमक, वनीला एक्सट्रैक्ट और लो फैट क्रीम मिलाकर चिकना घोल तैयार कर लें। इसे रात भर फ्रिज में ठण्डा होने दें। अगली सुबह इसमें फेंटी क्रीम मिलाकर ब्लेंडर में फिर से चलाएं। इसे एयरटाइट कंटेनर में डालकर 6 घंटे फ्रिज में रखें। 6 घंटे बाद फ्रिज से निकालकर सर्व करें।

कटहल पैटीज

 

सामग्री – एक पाव कच्चा कटहल, एक उबला आलू, स्वादानुसार सरसों का तेल, साबुत सरसों, साबुत जीरा, कटी हुई दो हरी मिर्च, लाल मिर्च पाउडर, नमक और धनिया पाउडर, थोड़ा सा अदरक और लहसुन, कॉर्न फ्लोर

विधि – कटहल को छीलकर हल्दी वाले पानी में उबाल लें। उबलने के बाद इसे कस लें। एक सॉसपैन में तेल गरम करें, इसमें सरसों, जीरा तड़काएं। अब इसमें अदरक, लहसुन, हरी मिर्च डालकर दो मिनट के लिए भूनें। इसमें उबले आलू को मैश करके कटहल भी डाल दें। इस मिश्रण को पकाएं और बाद में नमक, धनिया पाउडर और लाल मिर्च पाउडर भी डाल दें। जब यह तैयार हो जाए तो हल्का ठण्डा हो जाने के बाद मनपसंद आकार दें और कॉर्न फ्लोर में लपेटकर किनारे रख दें। एक अलग कढ़ाही में तेल गरम करें और इसे डीप फ्राई करें। गरमागरम परोसें।

कटहल फिश बिरयानी

 

सामग्री – आधा किलो कच्चा कटहल, 300 ग्राम सीजर मछली छोटे टुकड़ो में कटा, दो कप पके हुए चावल, स्वादानुसार हरी मिर्च, नमक, कसा अदरक, कसा लहसुन, नारियल तेल, करी पत्ते, धनिया पत्ती, पुदीना की पत्तियां, काली मिर्च पाउडर, छोटे प्याज, भूने काजू, तला प्याज, कसा नारियल, सौंफ का पाउडर

विधि – अदरक, लहसुन, प्याज और हरी मिर्च, काली मिर्च के साथ मछली को आधे घंटे के लिए मैरिनेट करने के लिए छोड़ दें। एक पैन में तेल गरम करके इसमें अदरक, लहसुन, प्याज, हरी मिर्च डालकर चलाएं। कटहल, नारियल, काली मिर्च, सौंफ, नमक और हल्दी डालकर अच्छी तरह से पकाएं। ऊपर से पहले चावल और फिर मैरिनेट की गई मछली अरेंज कीजिए और थोड़ी देर के लिए पकाइए। तला प्याज, पुदीना, धनिया और काजू डालकर अच्छी तरह से मिलाइए और गरमागरम परोसिए।

कटहल बर्गर

 

सामग्री – 75 ग्राम कटहल, स्वादानुसार बार्बेक्यू सॉस, शहद, लहसुन की तीन कली, सलाद के पत्ते, गेहूं का 1 बन, हरी बंदगोभी, प्याज, गाजर, पानी निकाला दही, नमक और काली मिर्च

विधि – बंदगोभी, प्याज, गाजर को बारीक काटकर दही के साथ अच्छी तरह से मिला लें। अब कटहल को भाप में पका लें और हाथ से ही अलग- अलग करके एक कटोरे में डाल लें। एक गरम पैन में बार्बेक्यू सॉस और कटहल डालकर मिश्रण तैयार कर इसमें नमक और काली मिर्च डालें। बर्गर के लिए बन को आधा करके दोनों स्लाइस को ग्रिल कर लें। नीचे वाले स्लाइस पर सलाद के पत्ते लगा लें। इसमें बंदगोभी, प्याज वाली सामग्री डालने के बाद कटहल की सामग्री डालें। ऊपर वाला बन लगाएं और टूथपिक से फिक्स कर लें। मनपसंद चटनी या सॉस के साथ तुरंत परोसें।

कटहल के हेल्थ बेनेफिट्स

वजन कम करने में सहायक

यह एक कम कैलोरी वाला फल है, जो वजन कम करने की कोशिश में लगे लोगों का बड़ा मददगार है। कटहल में फाइबर की मात्रा खूब होती है तो यह वजन कम करने वालों के लिए रामबाण साबित हो सकता है। यह भोजन पचाने में पाचन तंत्र की मदद करता है। फाइबर लंबे समय तक आपको भरे पेट का अहसास दिलाता है।

बढ़ाता है इम्यूनिटी

चूंकि कटहल में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है तो यह बेहतरीन इम्यूनिटी बूस्टर है। इसमें कई एंटीऑक्सीडेंट्स भी हैं। विटामिन सी व्हाइट ब्लड सेल्स के निर्माण की संख्या में भी इजाफा करता है। एंटीऑक्सीडेंट बॉडी सेल्स को खराब करने वाले फ्री रैडिकल्स का बचाव करता है।

नियंत्रित रखे ब्लड प्रेशर

कटहल में पोटैशियम भी होता है, जो वैसोडिलेटर की तरह काम करता है यानी यह आपके ब्लड वेसल्स आैर आर्टरीज को रिलैक्स करता है, जो आपके ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है एवं कार्डियोवस्कुलर सिस्टम के दबाव को भी कम करता है। इस तरह से हार्ट अटैक आैर स्ट्रोक का खतरा कम रहता है।

मजबूत बनाए हड्डियां

इसमें कैल्शियम होने की वजह से यह हड्डियों को मजबूत बनाता है। विटामिन सी और मैग्नीशियम के कारण यह कैल्शियम के अवशोषण में शरीर की मदद करता है, हड्डियों को मजबूत बनाता है। कुल मिलाकर कहा जाए तो संपूर्ण स्वास्थ्य का प्रबंधन करता है।

आंखों और त्वचा का प्रबंधन

इसमें विटामिन ए होने के कारण मकुलर डीजेनेरेशन या दृष्टि कम होने के चांसेज कम रहते हैं, बल्कि यह आंखों की दृष्टि को दुरुस्त करता है। साथ ही यह एक्टिव एंटी- एजिंग के तौर पर काम करता है और त्वचा के दमकने- चमकने में मददगार साबित होता है। यह त्वचा को सूरज की तीखी किरणों के खतरे से भी बचाता है और बारीक रेखाएं एवं झुर्रियों का भी उपचार करता है।

इनसोमनिया का डॉक्टर

इसमें निहित मैग्नीशियम शरीर के न्यूरोट्रांसमीटर के स्तर को नियंत्रित रखता है और अच्छी नींद लाने में सहायक है। यदि आपको रात में नींद आने में देरी होती है तो फिर आपको अपनी डाइट में कटहल को शामिल करना चाहिए।

डायबिटीज के इलाज में सहायक

इस फल में उपस्थित प्राकृतिक शक्कर और फाइबर ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखते हैं और डायबिटीज बढ़ने पर रोक लगाते हैं। शरीर में ग्लूकोज और इंसुलिन का स्राव करके यह डायबिटीक लक्षणों का बचाव और प्रबंधन करता है।

 

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