आहार हमारे हेल्दी जीवन की कुंजी है। यह तो हम सभी जानते हैं कि अच्छा भोजन बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी है और इससे भी जरूरी है उसे सही तरह से खाना। जैसे कुछ आहार कच्चे खाए जाते हैं तो कुछ फूड आइटम को पकाकर खाना अधिक हेल्दी होता है। इतना ही नहीं, कुछ फूड कॉम्बिनेशन में अधिक प्रभावशाली माने जाते हैं। चूंकि दुनिया भर में कई तरह के फूड आइटम्स मौजूद हैं और हर किसी की अपनी खासियत है। ऐसे में कई बार महिलाएं अनजाने में कुछ फूड मिथ्स का शिकार हो जाती है। इतना ही नहीं, कभी-कभी यह फूड मिथ्स आपकी सेहत पर भी विपरीत प्रभाव डाल सकते हैं। तो चलिए आज हम आपको इन पॉपुलर फूड मिथ्स के बारे में भी बता रहे हैं और साथ ही हम आपको उनकी वास्तविक सच्चाई से भी रूबरू करवाएंगे-

मिथ 1- केले और सेब आयरन से भरपूर होते हैं

सच्चाई- कुछ लोगों का यह मानना है कि केले और सेब आयरन से भरपूर होते हैं, क्योंकि उन्हें काटने के बाद वह भूरे हो जाते हैं। हालांकि, यह पूरी तरह से मिथ है। सेब और केले आयरन के नहीं, बल्कि फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं। काटने के बाद इनके रंग में यह परिवर्तन एक एंजाइमी प्रतिक्रिया है और इसका आयरन से कोई लेना-देना नहीं है।

मिथ 2- डायबिटीज से बचना है तो चीनी से रहें दूर

सच्चाई- हो सकता है कि आपने लोगों को यह कहते हुए सुना हो कि मीठा कम खाना चाहिए, वरना डायबिटीज हो जाएगी। जिससे आपके मन में यह भ्रम पैदा होगा कि चीनी को डाइट से दूर रखने से आप डायबिटीज से बचे रहेंगे, लेकिन वास्तव में ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है। आपको यह पता होना चाहिए कि मधुमेह कार्बोहाइड्रेट मेटाबॉलिज्म का एक डिसऑर्डर है, और यह आमतौर पर हाई कैलोरी डाइट, अधिक वजन और शारीरिक निष्क्रियता सहित जेनेटिक्स और लाइफस्टाइल हैबिट्स के कारण होता है। यह सच है कि चीनी निश्चित रूप से मोटापे के जोखिम को बढ़ाती है, लेकिन इसे ना खाने से आपको डायबिटीज नहीं होगी, यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता।

मिथ 3- शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं अंडे

सच्चाई- चूंकि अंडे कोलेस्ट्रॉल का एक समृद्ध स्रोत हैं, इसलिए बहुत से लोगों के मन में यह मिथ होता है कि रोजाना अंडे खाने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है। लेकिन हेल्दी लोगों में अंडे को उच्च ब्लड कोलेस्ट्रॉल या हृदय रोग से जोड़ने का अब तक कोई संबंध सामने नहीं आया है। आपको शायद पता ना हो लेकिन अंडे में कई अन्य पोषक तत्व होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल के नकारात्मक प्रभावों को भी दूर करते हैं। इसलिए, अगर आप अंडे का सेवन कर रहे हैं तो आपको अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को लेकर चिंतित होने की कोई आवश्यकता नहीं है।

मिथ 4- माइक्रोवेव में खाना खाने से उसके पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं

सच्चाई- यह एक बेहद ही पॉपुलर फूड मिथ है। बहुत से लोगों का मानना है कि माइक्रोवेव रेडिएशन से भोजन के पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, इसलिए कभी भी माइक्रोवेव का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल विपरीत है। माइक्रोवेविंग पारंपरिक खाना पकाने की तुलना में पोषक तत्वों को संरक्षित कर सकती है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि माइक्रोवेव में हीट पूरे फूड पर होती है, जिससे कुकिंग के अन्य तरीकों की तुलना में यह फूड को अधिक कुशलता से और जल्दी से गर्म करते हैं। जबकि, उबालने से सब्जियों से पानी में घुलनशील विटामिन निकल जाते हैं। हालांकि, माइक्रोवेव में खाना गर्म करते समय या कुकिंग करते समय आपको कंटेनर की क्वालिटी पर जरूर ध्यान देना चाहिए।

मिथ 5- नट्स खाने से आप मोटे हो जाते हैं

सच्चाई- चूंकि नट्स वसा से भरपूर होते हैं, इसलिए बहुत से लोग यह मानते हैं कि नियमित रूप से नट्स खाने से आप मोटे हो जाते हैं। यह सच है कि मेवे या नट्स वसा का एक रिच सोर्स है। लेकिन यहां आपको यह भी समझना होगा कि नट्स में पाए जाने वाले फैट्स वास्तव में हेल्दी फैट्स होते हैं। इसमें मौजूद मोनोसैचुरेटेड फैट्स जो दिल के लिए अच्छे होते हैं। इतना ही नहीं, इनका सेवन आपको लंबे समय तक फुलर अहसास कराता है, जिससे वास्तव में आपका कैलोरी काउंट बढ़ता नहीं है। साथ ही उनमें मौजूद प्रोटीन पचाने में अधिक ऊर्जा लेता है, इसलिए नट्स वास्तव में वजन कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। तो, अगर आप अब तक यह समझती आई हैं कि नट्स आपको मोटा कर देंगे तो अब आप एक बार इस पर दोबारा विचार करें।

मिथ 6- वेजिटेरियन फूड में होती है प्रोटीन की कमी

सच्चाई- बहुत से लोग नॉन-वेज फूड खाने की सिफारिश करते हैं, क्योंकि उन्हें यह लगता है कि वेजिटेरियन फूड में प्रोटीन सहित कई अन्य आवश्यक पोषक तत्व जैसे विटामिन बी 12 और ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी होती है। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। वेजिटेरियन भी प्लांट बेस्ड डाइट की मदद से अपनी डेली की प्रोटीन की आवश्यकता को बेहद आसानी से पूरा कर सकते हैं। सोया प्रॉडक्ट, फलियां, अनाज, बीज और नट्स जैसे विभिन्न स्रोतों से प्रोटीन प्राप्त किया जात सकता है। इसके अलावा, शाकाहारी लोग सन, चिया, भांग, कैनोला, जैतून का तेल, अखरोट, केल्प तेल, आदि जैसे समृद्ध खाद्य पदार्थों की मदद से बी 12 और ओमेगा 3 फैटी एसिड आदि भी प्राप्त कर सकते हैं।

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