घर के इंटीरियर का सबसे प्रमुख हिस्सा उसका फर्श यानि फ्लोर होता है। अब घर में किस तरह की और किस रंग की फ्लोरिग की जाए, ये समझना कई बार मुश्किल हो जाता है। आज बाज़ार में आपको अपने बजट के अनुसार कई तरह की फ्लोरिग आसानी से मिल जाएंगी। मगर उसका रंग, उसका पैटर्न और टिकाउपन जैसी बारिकियों का ध्यान रखना आपकी जिम्मेदारी हैं। हर घर में हर तरह की फ्लोरिंग फायदेमंद साबित नहीं होती है। ऐसे में अपने घर के सदस्यों और खासकर बच्चों के अनुरूप फ्लोरिंग का चुनाव करना चाहिए। आइए जानते हैं, कुछ नई फ्लोरिगस के बारे में

 

बांस की फ्लोरिंग  आजकल बांस की फ्लोरिंग लोग खूब पसंद कर रहे हैं। यह लकड़ी का एक विकल्प हैं। इसे लगाना आसान है और सुविधानजक भी है। सबसे खास बात ये है कि बांस पानी में खराब नहीं होता है। इसके अलावा बांस पर मौसम का कोई प्रभाव नहीं होता है। साथ ही इसको रिपेयर करवाना भी बेहद आसान है।

 

कमियां सूरज की तेज़ किरणों से बांस की चमक फीकी पड़ सकती है। साथ ही बांस फ्लोरिंग के टिकाउपन को लेकर भी कोई स्पष्टता नज़र नहीं आती है।

 

कालीन घर के सभी सदस्यों के हिसाब से कालीन यानि कार्पेंट एकदम परफे्क्ट ऑपशन है। बाज़ार में कालीन की कई वेराइटीज़ उपलब्ध है जैसे वूज, नायलॉन, पॉलीप्रोपलीन, और कई दूसरे तरीके के मटेरियल से बने कालीन उपलब्ध हैं। बच्चे हो यां बुजुर्ग हर कोई कालीन पर आसानी से चल सकता है। खासकर ठंडे मौसम के लिए बेहद फायदेमंद उपाय है।

 

कमियां

कटने यां जलने से खराब हो सकता है।

धूल मिट्टी आसानी से जमा हो जाती है, जो एलर्जी का कारण साबित हो सकती है।

पूर्ण रूप से सफाई नहीं हो पाती है।

 

लैमिनेट लैमिनेट फ्लोरिंग इन दिनें काफी चलन में है। लैमिनेट को टिंबर यां फिर लेड़ी के विकल्प के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। दरअसल, लैमिनेटेड फ्लोरिंग में पत्थर, ईंट और टाइल्स के प्रिटेंड फोटोग्राफ को खास तरज़ीह दी जाती है। इस तरह की फ्लोरिंग आप अपने बजट के हिसाब से मार्किट से ले सकते हैं। इसकी खासियत ये है कि आप इसे किसी भा फर्श के हिसाब से चुन सकती हैं। बेहद टिकाउ है और सूरज की किरणों का इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

कमियां

अगर उचित ढ़ग से न लबाया जाए, तो इसके साथ उखड़ने की समस्या बनी रहती है।

इसके अलावा नमी वाली जगहों के लिए ये उपयुक्त नहीं है।   

 

लाइनोलियम

लाइनोलियम एक प्राकृतिक फ्लोर शीटिंग प्राडक्ट है। इस फ्लोर को चूना पत्थर, वुड फ्लोर औश्र रेजिन से तैयार किया जाता है। यह पूरी तरह से सख्त टिकाउ और मज़बूती प्रदान करने वाला होता है। ये कई तरह के रंगों और पैटर्नस में उपलब्ध है। इसे आप आसानी से साफ कर सकते है और इसके लिए आप साधारण साबुन मिले पानी से भी साफ कर सकते हैं। यह टाइल्स और कंक्रीट की तुलना में बेहद आरामदायक साबित होता है।

 

कमियां भारी भरकम चीजों के कारण इसपर आसानी से खरोंच आ सकती है। इसमें गरमाहट की भी कमी होती है। इसकी मरम्मत करना आसानी नहीं होता है।

 

टाइल्स बाज़ार में कई तरह की सिरैमिक टाइल्स उपलब्ध, जो इन दिनों लोगो की पहली पसंद बनी हुई हैं। इसके अलावा आपको मार्किट में पोर्सिलेन और पत्थर के टाइल्स भी मिल जाएंगे। जो कई तरह के पैटर्न और डिजाइन में तैयार की जाती है। इनका रखरखाव आसान होता है और टिकाउ भी होती है। सन रेज़ का भी इस पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होता है। साथ ही क्लीनिंग के बाद ये टाइल्स जल्दी सूख जाती है।

 

कमियां इसकी सबसे बड़ी कमी है इसका स्लीपरी होना। अगर पानी टाइल्स पर गिर जाए, जो उससे फिसलने का खतरा बना रहात है। इसके अलावा यह बच्चों और बुजुर्गों के हिसाब से टिकाउ नहीं हैं।

 

टिंबर टिंबर फलोरिग कई प्रकार की शैलियों में आपको मिल जाती है। जी हां यह लकड़ी की कई किसमों से तैयार की जाती है, जो लोगों को बेहद पसंद आती है। इससे आपके कमरे को एक नया लुक प्राप्त होता है। साथ ही इसकी साफ सफाई बेहद आसान है। इसे आप आसानी से रीफिनिश कर सकते हैं। अगर इसे अच्छी तरह से सील किया जाए, तो यह सालों साल तक चलती हैं। इसके अलावा टिंबर का इस्तेमाल खिड़कियो, दरवाज़ों और अलमारियों को बनाने के लिए भी किया जाता हैं।

 

कमियां

टिंबर में फैलने और सिकुड़ने की प्रवृति होती है। बिना सील कि टिंबर फ्लोर में दाग धब्बे लग सकते हैं। इसको कुछ वक्त बाद मरम्मत की आवश्यकता पड़ती रहती है।

 

विनाईल

विनाइल फ्लोर शीट को सिंथेटिक मेटेरियल से तैयार किया जाता है। ये न सिर्फ मज़बूत होता है बल्कि इसकी कीमत भी बेहद कम होती है। ये बाज़ार में मुख्तलिफ रंगों और बेशुमार डिज़ाइनस में उपलब्ध है। इसको साफ करना भी बेहद आसान है।

 

कमियां

इसकी मरम्मत करवाना बेहद मुश्किल है। दरअसल, ये रिसाइकिलेबल मेटीरियल नहीं है।

 

लेदर फ्लोरिंग

ये एक नई फ्लोरिंग के तौर पर भारत में काफी पसंद किया जा रहा है। इस फ्लोरिंग को मज़बूती प्रदान करने के लिए इसकी निचली परत पर वुडन मेटीरियल का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है। इसे भारत में स्पेन की एक जानी मानी कंपनी ने लान्च किया है। इस तरह की फ्लोरिंग को सौ फीसदी उच्च स्तर के चमड़े से तैयार किया जाता है। इस तरह की फ्लोरिंग की खासियत यही है कि इसे न सिर्फ आसानी से बिछाया जा सकता है बल्कि इसे रिपोयर करना भी बेहद आसान है।

 

चाहे घर हो यां आफिस फ्लोरिंग का उचित चयन होना बेहद ज़रूरी है। अगर आप भी अपनी फ्लोरिंग को बदलने का मन बना रहे हैं, तो उपर दिए सुझावों पर एक नज़र ज़रूर डालें। दरअसल, रंग और पैटर्न के अलावा फ्लोरिंग के सिलेक्शन के वक्त उसमें टिकाउपन होना भी बेहद ज़रूरी है। ताकि सालों तक आपकों फ्लोरिंग बदलने की ज़रूरत न पड़े।

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