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इश्कबाज
‘एक आस्था ऐसी भी’ में अपने किरदार के बारे में बताएं?
लक्ष्मी अग्रवाल एक ऐसी महिला है जो अपने बिज़नेस के साथ घर भी संभालती है। मुझे यह किरदार इसलिए पसंद है कि क्योंकि लक्ष्मी आज की महिला का प्रतिनिधित्व करती है जो करियर के साथ-साथ फैमिली भी शुरू करती है। जरूरत पड़े तो कड़े नियम बनाती है और महसूस हुआ तो पति के पैर भी दबा देती है। 
 
आपको क्या लगता वर्किंग वुमन को कैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है?
मुझे लगता है कि घर और करियर मैनेज करने में सभी महिलाओं को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कभी आपका स्टाफ आपके रुटीन के हिसाब से नहीं चल पाता, कभी बच्चों के स्कूल में कुछ खास होता है। इन सबका सामना करते हुए आगे बढ़ना ही हम महिलाओं की ताकत है।
 
आपकी नज़र में खूबसूरती के क्या मायने हैं?
मेरा मानना है कि सभी खूबसूरत हैं और हर किसी की  खूबसूरती दूसरों से अलग होती है। मुझे दुख होता है जब लोग सिर्फ पतले लोगों को ब्यूटीफुल मान लेते हैं। मेरी नज़र में आप अपने लाइफ को कैसे मैनेज करती हैं वो भी आपको ब्यूटीफुल बनाता है। 
 
फिटनेस के लिए क्या करती हैं?
एक्टर्स के साथ ये दिक्कत होती है कि उन्हें हर रोज़ एक जैसा दिखना होता है। सीरियल के दौरान फिटनेस रुटीन को मेंटेन करना बहुत मुश्किल होता है क्योंकि कभी हम ईवेंट पर होते हैं, कभी प्रमोशन के लिए किसी नए शहर में। फिर भी मैं कोशिश करती हूं कि एक्सरसाइज के साथ-साथ खाना पीना भी सही हो। 
 
क्या आप शॉपिहॉलिक हैं?
हां, मुझे शॉपिंग करना बहुत पसंद है।  मैं स्ट्रीट शॉपिंग, मॉल्स के साथ-साथ ऑनलाइन शॉपिंग भी एंजॉय करती हूं। 
 
मेरा स्टाइल स्टेटमेंट?
मेरे लिए फैशन वो है जिसमें मैं कंफर्ट महसूस करूं। किसी सामान्य दिन में मैं अक्सर जींस ऑर शर्ट पहनना पसंद करती हूं। वैसे मैं ये मानती हूं कि अगर आपकी बॉडी फिट है तो हर तरह का स्टाइल अच्छा लगता है। 
 
अपने बारे में अपने फैन्स को कुछ ऐसा बताइए जो वो अभी तक नहीं जानते हैं?
मुझे साफ-सफाई का बहुत पसंद है। मैं अपने आसपास गंदगी या अस्त-व्यस्त वातावरण नहीं बर्दास्त कर सकती। मुझे बिलकुल नहीं पसंद की मेरी सैंडल से किसी भी तरह की आवाज़ निकले। मेरे घर पर भी मेरे लौटने से पहले सबकुछ ठीक कर दिया जाता है। 
 
क्या आप पार्टी करना, घूमना पसंद करती हैं?
नहीं, पार्टी करना मुझे कुछ खास पसंद नहीं है। घूमना भी मुझे तभी अच्छा लगता है जब प्लानिंग सही से हो। तुरंत में मूड बनते ही कहीं निकल जाना मेरे नेचर में नहीं है। 
 
जीवन में मुश्किल परिस्थितियों का सामना कैसे करती हैं?
मैं खुद को पूरी तरह से स्ट्रॉन्ग रखने की कोशिश करती हूं और खुद को खुशकिस्मत समझती हूं कि मेरे पास मेरे पैरेन्ट्स हैं और उनके दिए संस्कार हैं जो मुझे हर मुश्किल घड़ी में मजबूत बनाए रखते हैं। 

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