सर्दियों की आहट होने लगी है। लोकल मार्केटशॉपिंग मॉल्स में सर्दियों का बाजार लग चुका है। मिसेज रैनामिसेज खन्ना और मिसेज कॉल के साथ शायद आप भी सर्दियों के ब्यूटी टिप्स या ब्यूटी सीक्रेट्स पर चर्चा करने लग गई होंगी। बातों ही बातों में आपने सर्दियों में ब्यूटी की समस्याओं पर भी चर्चा की होगी और इसपर चिंतित भी होंगी। अगर आपके पास सर्दियों के लिए अपनी ब्यूटी सीक्रेट्स हैफिर तो आप इस मौसम की सबसे हॉटपिंक लेडी हैं और अगर नहीं तो हम हाजिर हैं आपके लिए लेकर सर्दियों की एक संपूर्ण ब्यूटी गाइड लेकरजिन्हें आजमाकर आप भी गुलाबी सर्दियों की गुलाबी खूबसूरती खुद में और अपने रूप में महसूस कर सकेंगी। शायद आपकी सासू मां और आपके तब पतिदेव कहें कि पिंक टीका लगा दूंकहीं नजर न लग जाए तुम्हारी खूबसूरती को)

सर्दियों का मौसम थोड़ा अलसाया लेकिन खूबसूरती का खजाना होता है। अपने आसपास नजरें दौड़ाइएरंगबिरंगे फूलपौधों से सजा हराभरा गार्डेनकई प्रकार के सुस्वादु फल और सब्जियांरंगबिरंगे कपड़े पहनने की आजादीहर तरफ ही तो खूबसूरती बिखरी पड़ी है। इन सबमें एक खूबसूरत चेहरा आपका भी है। इस खूबसूरती को सर्दियों में भी बरकरार रखें। गुलाबी सर्दी में खूबसूरती का गुलाबी एहसास महसूस करने के लिए बस सर्दियों की इन ब्यूटी सीक्रेट्स को अपनी डेली लाइफ का सीक्रेट बनाइए। फिर देखिए हर नजर बस आपकी तारीफ की कायल होगी!

त्वचा की समस्याएं और उनका समाधान

पुरुषों की तुलना में महिलाओं की त्वचा बेहद नाजुक और संवेदनशील हीती है। कई तरह के स्किनहेयर ब्यूटी टिप्स आजमाने और मेकअप के बाद भी अक्सर महिलाएं शिकायत करती मिलेंगी कि सर्दियों ने उनकी त्वचा बेजान कर दी है। रूखेपन की यह समस्या हर किसी के लिए अलगअलग प्रकार की होती हैइसलिए इलाज भी हर किसी के लिए अलग होना चाहिए। इसी तरह पूरे शरीर की तुलना में चेहरे की त्वचा अत्यधिक संवेदनशील होती हैआंखों के आसपास और होठों की त्वचा उससे भी अधिक संवेदशील होती है। किसी को ड्राइनेस त्वचा की ऊपरी सतह पर नमी की कमी के कारण होती हैकिसी को उससे अधिक आंतरिक पोषण चाहिए और बाह्य त्वचा पर लगाया कोई लेप या कोई भी उपाय उसकी समस्याएं कम नहीं कर सकता। इन सभी अलग समस्याओं की केयर भी अलग होनी चाहिए।

चेहरा

चेहरे की त्वचा तीन प्रकार की होती है: तैलीय (ऑयलीत्वचाशुष्क या रूखी त्वचा और साधारण (न तैलीयन शुष्कत्वचा। त्वचा के प्रकार के अनुसार ही उनकी देखभाल भी होनी चाहिए वरना फायदे के बजाय नुकसान भी हो सकता है। त्वचा का प्रकार जानने के लिए चेहरा साबुन से धोएं। अगर सूखने के बाद खिंचाव महसूस हो तो त्वचा शुष्क हैअगर 15 मिनट बाद ही वह हल्की शाइनी या तैलीय लगने लगे मतलब ऑयली है और अगर 15 मिनट बाद भी ऊपर दोनों में कोई भी स्थिति न हो और त्वचा सामान्य रूप से खिलीखिली हो अर्थात् आप सर्वोत्तम त्वचा का प्रकार च्साधारण त्वचाज् की मालकिन हैं। अब जानते हैं सर्दियों में इनकी देखभाल के तरीके।

शुष्कता या ड्राई त्वचा की समस्या

ड्राई स्किन या रूखी त्वचा के लिए यह मौसम सबसे अधिक समस्याओं वाला होता है। चेहरे की त्वचा के साथ ही हाथपैरों की त्वचा में दरारेंएड़ियों का फटना आदि समस्याएं भी इन दिनों आम हैं। हालांकि सर्दियों में त्वचा शुष्क होने की समस्या लगभग हर किसी को होती है।

क्या करें?

नहाने का समय: बहुत लंबे समय और बहुत गर्म पानी से न नहाएं। ऐसा करना आपकी त्वचा की नमी को और भी कम कर देता है। बजाय इसके हल्के गर्म पानी के साथ कोई माइल्ड (मॉइश्चराइजर युक्तसाबुन प्रयोग में लाएं। नहाने के तुरंत बाद त्वचा के पूरी तरह सूखने से पहले ही मॉइश्चराइजर लगाना न भूलें।

माइश्चराइजर को अपनी दिनचर्या में कई बार शामिल करेंअच्छी गुणवत्ता का मॉइश्चराइजर और लोशन त्वचा में नमी की परत खोने से बचाते हैं। अत्यधिक रूखी त्वचा के लिए मॉइश्चराइजिंग ऑयल (बादाम तेलजैतून तेलका प्रयोग नहाने के पानी में करें। बस तेल की कुछ बूंदें अपने नहाने के पानी में डालें और आखिरी बार इससे स्नान करें।

साबुन का प्रयोग

यह त्वचा की नमी चुरा लेते हैं। जहां तक संभव होनहाने में नॉनफोमिंग क्लींजिंग क्रीम या एक्स्ट्रा मॉइश्चराइजर के साथ आने वाले लिक्विड शॉवर जेल का प्रयोग करें। डियोडरेंटएंटीबैक्टीरियल बाथ सोप्स त्वचा के लिए कठोर होते हैं। इनके प्रयोग से बचें।

अपनी त्वचा को नमी की थपकी देंगीली त्वचा को तौलिए से रगड़कर सुखाने के बजाय हल्के हाथों से पोंछ्कर सुखाएं। चेहरे और गले की त्वचा शरीर के अन्य हिस्सों से बेहद नाजुक होती है। इन्हें पोंछ्कर सुखाने की बजाय हल्के हाथों से थपकाकर सुखाएं।

अप्राकृतिक ऊष्मा में त्वचा की नमी बचाएं: रूम हीटर या ब्लोअर का प्रयोग त्वचा के लिए बेहद खतरनाक है। इन उपकरणों से निकलने वाली ऊष्मा कमरे के तापमान से नमी का स्तर सोख लेती है। इस कारण कई बार रूखी त्वचा और भी अधिक रूखी होकर खुरदरी हो सकती है या इसमें खुजली जैसी समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए वायु को नम रखनेवाला उपकरण (ह्यूमिडिफायरलगाएं। ऐसा संभव न होतो कमरे में एक कटोरी या किसी खुले बरतन में पानी रखना भी नमी के स्तर को काफी हद तक बनाए रखता है।

रैशेस और खुजली

रूखी त्वचा में रैशेस और खुजली जैसी समस्या बहुत जल्दी होती है। कोशिश करें कि पहनने वाले कपड़े साफ और मुलायम हों। ऊनी कपड़े हवा के बहाव को रोक देते हैं। ऐसे में पसीने से बैक्टीरिया पनपने की संभावना बहुत अधिक हो जाती है। कपड़े धोते हुए उसे अच्छी तरह खंगालें वरना कपड़ों में डिटर्जेंट का अंश भी जलन और रैशेस जैसी समस्या पैदा कर सकते हैं।