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मेरे हिंदुस्तान सा न देश कोई और है -गृहलक्ष्मी की कविताएं

गृहलक्ष्मी की कविताएं-विश्व गुरु है भारत मेरा,दुनिया में सिरमौर हैमेरे हिन्दुस्तान सा न देश कोई और है ऋषि-मुनियों की तपोभूमि है,वीरांगनाओं की जननी हैराम -कृष्ण खेले यहीं पर,रहीम-रसखान की धरती हैविवेकानंद के ज्ञान की चर्चा चहुँ ओर हैमेरे हिन्दुस्तान सा न देश कोई और है वीर सिपाही जनने वालीमाताओं का देश हैभाषा-वेश अलग हों चाहे ,फिर भी […]