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मायामृग—गृहलक्ष्मी की कहानियां

नित्या अपनी सखी के विवाह समारोह में सम्मिलित होने उसके घर आयी थी ।घर में बेटी के विवाह के कारण,सभी के मुख पर मुस्कुराहट और आनंद का भाव फैला हुआ था।ऐसे किसी विशेष अवसर पर ही दूर -पास के सम्बन्धी एकत्र होते हैं , तब बातों का सिलसिला एकबार प्रारम्भ हो जाए तो ,रोके नहीं […]