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अनजान सहेली-गृहलक्ष्मी की कहानियां

गृहलक्ष्मी की कहानियां: मां तुम कहां गई?हां, मैं यहां किचन में हूं। क्या हुआ बेटा? शीला भागते हुए आई।मां मेरी नौकरी पक्की हो गई है। शीला यह सुनकर फूली न समाई। वो अपने बेटे के लिए बहुत खुश थी ।पर मां मुझे बेंगलुरु जाना होगा। मुझे इसी हफ्ते ज्वाइन करना है। वहां जाकर फ्लैट लेते […]