निक्की कुमारी
Health
कोवैक्सीन को लेकर बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में हुए एक रिसर्च में वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स सामने आए हैं। हालांकि भारत बायोटेक के मुताबिक ये वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है।
स्टडी करने वाले शंख शुभ्रा चक्रवर्ती के मुताबिक, इस वैक्सीन को लगवाने वाले 304 (47.9%) किशोरों और 124 (42.6%) वयस्कों में सांस संबंधी इन्फेक्शन देखने को मिला है।
सांस संबंधी इन्फेक्शन
स्टडी में पाया गया कि टीनएजर्स में स्किन से जुड़ी बीमारियां ज्यादा देखने को मिली। इस वैक्सीन को लेने वाले कम उम्र के लोगों में स्किन से जुड़े डिसऑर्डर की शिकायत देखी गई।
स्किन से जुड़ी दिक्कतें
कोवैक्सिन के साइड इफेक्ट्स पर हुई स्टडी में 4.6% किशोरियों में मासिक धर्म संबंधी असामान्यताएं (अनियमित पीरियड्स) देखी गईं। इसकी वजह से लड़कियों को कई दिक्कतें हो सकती हैं।
पीरियड्स में दिक्कत
इसके सबसे ज्यादा खतरनाक साइड इफ्केट्स में गुलियन बेरी सिंड्रोम शामिल है। स्टडी में शामिल इस वैक्सीन को लेने वाले 0.1% प्रतिभागियों में गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) की पहचान भी हुई।
गुलियन बेरी सिंड्रोम
गुलियन बेरी सिंड्रोम एक ऐसी बीमारी है जो लकवे की ही तरह शरीर के बड़े हिस्से को धीरे-धीरे निशक्त कर देती है। ये एक रेयर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जो काफी घातक हो सकती है।
गुलियन बेरी सिंड्रोम क्या है
इसके अलावा इस वैक्सीन को लगाने से हड्डियों से जुड़े रोगों का खतरा भी काफी बढ़ा है। रिसर्च के मुताबिक, इससे हाइपोथायरायडिज्म जैसे गंभीर रोग का जोखिम भी बढ़ सकता है।
हाइपोथायरायडिज्म
निक्की कुमारी
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