प्रतिमा सिंह
कुछ ऐसी चुनिंदा नारी प्रधान फिल्में, जिसे हर किसी को देखना चाहिए। इनके जरिए बॉलीवुड ने महिलाओं के कई रूप दिखाए।
इन फिल्मों में महिलाओं ने अपने किरदार का लोहा मनवाया। ये महिलाओं के प्रति समाज की सोच बदलने में कारगर साबित हुईं।
फिल्म में श्रीदेवी को अंग्रेजी नहीं आतीै, जिसके लिए बच्चे - पति उनका मजाक बनाते हैं। वो अंग्रेजी सीखकर अपनी वैल्यू बताती हैं।
इंग्लिश-विंग्लिश
इसमें आलिया अपनी जान पर खेलकर देश को बचाने के लिए एक पाकिस्तानी से शादी करती हैं और भारत को जानकारी देती हैं।
राजी
इसमें दिखाया गया है कि समाज चाहे कितना भी मॉर्डन क्यों न हो जाए लेकिन लड़कियों के कपड़ों से ही उन्हें जज किया जाता है।
पिंक
फिल्म में विद्या बालन प्रेग्नेंट होती हैं। वो लंदन से कोलकाता अपने पति को ढूंढने के लिए आती है जो दो महीनों से लापता होता है।
कहानी
कंगना रनौत की फिल्म क्वीन को देखकर यह एहसास होता है कि औरतों की चाहतें मर्दो के सहारे की मोहताज नहीं होती हैं।
क्वीन
फिल्म में आलिया भट्ट ने गंगूबाई का रोल किया। इसमें एक सेक्स वर्कर से समाज सेविका बनने तक का सफर दिखाया गया है।
गंगूबाई काठियावाड़ी
इस फिल्म की कहानी एयरहोस्टेस नीरजा भनोट के इर्द-गिर्द घूमती है, जिस किरदार को सोनम कपूर ने बखूबी निभाया था।
नीरजा